12 जून, 1957 की तारीख पाकिस्तान और भारत दोनों देश के क्रिकेट प्रेमी के लिए खास है। इस दिन पाकिस्तान के उस स्टार बल्लेबाज का जन्म हुआ था, जिसने आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर भारत के करोड़ों फैंस का दिल तोड़ दिया था। यदि आप क्रिकेट के फैन हैं तो आपका अंदाजा बिल्कुल सही है। मैं बात कर रहा हूं कराची में जन्मे पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज जावेद मियांदाद की। मियांदाद की गिनती पाकिस्तान के महान बल्लेबाजों में यूं ही नहीं की जाती है। उन्होंने अपने अपने टेस्ट मैच के पहले ही इनिंग में 163 रन की ताबड़तोड़ पारी खेलकर वर्ल्ड क्रिकेट में दस्तक दी थी।
जावेद मियांदाद, बल्लेबाज पाकिस्तान (साभार-ICC)
टेस्ट क्रिकेट में हमेशा 50 का औसत
उनकी बल्लेबाजी का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि वर्ल्ड क्रिकेट में उनके अलावा केवल एक और बल्लेबाज ही हुए जिनका टेस्ट क्रिकेट में औसत कभी भी 50 से नीचे नहीं रहा। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट के अपने चौथे ही इनिंग में 206 रन की पारी खेल दी थी। पूरे करियर में तो उन्होंने 6 बार यह कारनामा किया।
जावेद मियांदाद ने खेले 6 वर्ल्ड कप
जावेंद मियांदाद, जिन्होंने रिकॉर्ड छह विश्व कप भी खेले, गेंदबाजों के साथ उनकी गजब की जुगलबंदी थी। उन्होंने 1983-84 में पर्थ में डेनिस लिली को धमकाते हुए अपना बल्ला हवा में लहराया था जिसे बाद में खूब पसंद किया गया। इसके अलावा 1991-92 में वर्ल्ड कप के दौरान भारतीय विकेटकीपर किरण मोरे के अपील के खिलाफ उनके बंदर की तरह उछलने वाले रिएक्शन ने भी खूब सुर्खियां बटोरी।
कभी नहीं भूल पाएंगे भारतीय फैंस
पाकिस्तान के इस बल्लेबाज को भारतीय बल्लेबाज कभी नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने 18 अप्रैल 1986 को शारजाह में हुए एशिया कप मैच के दौरान करोड़ों भारतीय फैंस का दिल तोड़ दिया था। दरअसल पाकिस्तान को जीतने के लिए आखिरी गेंद पर 6 रन की दरकार थी और उन्होंने चेतन शर्मा की गेंद पर छक्का जड़कर जीत दिला दी थी।
