Auqib Nabi: जम्मू-कश्मीर की बर्फीली वादियों से उड़ान भरकर अब एक नया नाम भारतीय तेज गेंदबाजी की लाइन में दस्तक देने को तैयार है। यह नाम है आकिब नबी दार का। घरेलू क्रिकेट में लगातार दो साल तबाही मचाने के बाद अब उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका मिला है। दरअसल, श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में उन्हें टीम में शामिल किया गया है। जम्मू-कश्मीर के बारामूला के रहने वाले आकिब के पिता गुलाम नबी पेशे से टीचर हैं और उनका सपना बेटे को डॉक्टर बनाने का था। हालांकि, आकिब को बैट-बॉल से इश्क था और घर में रोक-टोक के बाद भी वह खिड़की से बाहर निकलकर ग्राउंड पहुंच जाते थे। उनके लिए शुरुआत के दिन काफी मुश्किल थे। प्रैक्टिस के लिए उनके पास न तो सही किट थे और न ही स्पाइक्स खरीदने के लिए पैसे थे।
आकिब नबी (फोटो साभार- PTI)
रणजी में मचाई धूम
आकिब ने साल 2020 में अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था। हालांकि, उन्हें असली पहचान पिछले दो रणजी सीजन से मिली। 2024-25 सीजन में उन्होंने 8 मैचों में 44 विकेट लिए 2025-26 सीजन में तो उन्होंने कमाल ही कर दिया। इस दौरान उनके खाते में 10 मैचों में 60 विकेट आए और एक सीजन में 60 विकेट लेकर रिकॉर्ड बना दिया। इस दौरान उन्होंने 7 बार एक पारी में 5 विकेट भी लिए। कुल मिलाकर उन्होंने अब तक 43 फर्स्ट क्लास मैचों में 162 विकेट लिए हैं। वहीं लिस्ट-ए में 56 और टी20 में 43 विकेट उनके नाम हैं।
कैसा है उनका गेंदबाजी स्टाइल
आकिब राइट आर्म फास्ट मीडियम गेंदबाज हैं। उनकी स्पीड 125 से 140 kmph के बीच रहती है। रफ्तार भले ही बहुत ज्यादा न हो लेकिन लेकिन उनकी ताकत लाइन-लेंथ और स्विंग है। वो नए और पुरानी दोनों गेंदों से इनस्विंग-आउटस्विंग कर लेते हैं। उनका रनअप लय में और टप्पा एकदम सटीक है। वह घंटों एक ही जगह गेंद फेंककर बल्लेबाज को थकाने की काबिलियत रखते हैं। BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में काम कर चुके कोच पी. कृष्णकुमार उनकी तारीफ में कहते हैं कि आकिब का एक्शन साफ है और रिलीज पॉइंट हर बार एक जैसा रहता है। इसी वजह से रणजी फाइनल में केएल राहुल जैसे बल्लेबाज भी उनके सामने जूझते दिखे थे।
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कभी जूते खरीदने के भी नहीं थे पैसे
आकिब अली के पास एक समय जूते खरीदने तक के भी पैसे नहीं होते थे। उन्होंने टेनिस बॉल, टूटे बैट और बारामूला की ऊबड़-खाबड़ जमीन पर क्रिकेट का ककहरा सीखा। इस दौरान न तो उनके पास जूते होते थे और न ही उन्हें पता था कि तेज गेंदबाज को स्पाइक्स जूते चाहिए होते हैं। कई बार तो उन्होंने अपने दोस्तों से जूते उधार लेकर क्रिकेट खेला। इस समय आकिब नबी की उम्र 29 साल से ज्यादा है। वह पिछले एक दशक से अपने राज्य का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक उनको उस तरह की पहचान और सफलता हासिल नहीं हुई। लेकिन कहते हैं कि जब किस्मत चाहती है तो हीरे को कोयले से भी ढूंढ़ लिया जाता है।
IPL का अनुभव
दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें पिछले मेगा ऑक्शन में 8.40 करोड़ में खरीदा था। हालांकि, पहला सीजन उनके लिए आसान नहीं था और 5 मैचों में मौका तो मिला लेकिन विकेट नहीं मिला। हालांकि, दो साल में 18 रणजी मैचों में उन्होंने 104 विकेट लिए हैं, जिससे उन्हें भारतीय टीम में मौका मिला। अब सबकी नजरें आकिब पर हैं कि वो टीम इंडिया की जर्सी में क्या कमाल करते हैं। वह अब अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजों को अपनी गेंदबाजी का जलवा दिखाने के लिए तैयार हैं। अपनी कहर बरपाती इनस्विंग और तेज रफ्तार आउटस्विंग से आकिब अली श्रीलंका के बल्लेबाजों पर कहर बनकर टूट सकते हैं।
