भारतीय क्रिकेट इस समय बदलाव के बड़े दौर से गुजर रहा है। टीम इंडिया में कई ऐसे बदलाव देखने को लगातार मिल रहे हैं जिससे इस बात पर मुहर लग जाती है। बीसीसीआई की चयन समिति व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का टीम संयोजन में अहम फैसला रहता है, लेकिन साथ ही इसमें कोच गौतम गंभीर का हस्तक्षेप भी होता है इस बात में कोई दो राय नहीं है। इसी वजह से जब से गौतम गंभीर ने भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच का पद संभाला है, तभी से कुछ बड़े खिलाड़ियों से उनके मतभेद और टीम से उनको बाहर करने के आरोप लगते रहे हैं। अब पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने गौतम गंभीर पर कुछ बड़े आरोप लगा दिए हैं।
विराट और रोहित को लेकर गौतम गंभीर पर मनोज तिवारी के आरोप (X/MuffadalVohra/ANI)
मनोज तिवारी ने गौतम गंभीर पर मौजूदा टीम संस्कृति को बर्बाद करने के लिए जमकर निशाना साधा और कहा कि जब से गंभीर ने कोच का पद संभाला है, तब से बहुत सारी विवादास्पद चीजें हुई हैं। रोहित शर्मा को हाल ही में शुभमन गिल ने वनडे कप्तान के रूप में रिप्लेस किया था, और इस बदलाव ने सोशल मीडिया पर काफी हलचल मचा दी है। प्रशंसकों के बीच बहस छिड़ गई है, कुछ लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या रोहित और विराट कोहली 2027 विश्व कप के लिए टीम में होंगे।
रोहित और विराट का निराशाजनक संन्यास
रोहित और विराट 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलने वाले हैं। इस जोड़ी ने इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के निराशाजनक दौरे के बाद टेस्ट से संन्यास की घोषणा की थी। हालांकि, किसी को उम्मीद नहीं थी कि दोनों इस तरह से विदा होंगे, खासकर इंग्लैंड के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सीरीज से ठीक पहले ये फैसला लिया गया।
अश्विन का संन्यास भी चौंकाने वाला था
सिर्फ रोहित और विराट कोहली ही नहीं, महान पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के बीच में संन्यास ले लिया था। अब गंभीर पर इन खिलाड़ियों को संन्यास लेने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया गया है, क्योंकि तिवारी ने कहा कि मौजूदा हेड कोच को अपनी बातों पर सवाल उठना पसंद नहीं है।
उन्होंने सुनिश्चित किया कि वो वहां मौजूद ना रहें
पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने एक वेबसाइट से बातचीत में कहा, "अगर सीनियर खिलाड़ी हैं, अगर अश्विन हैं, अगर रोहित हैं या अगर रोहित हैं, तो इन लोगों ने इतना क्रिकेट खेला है, ये लोग टीम के हेड कोच या अन्य स्टाफ की तुलना में बहुत अधिक स्थापित हैं, अगर वे किसी बात से सहमत नहीं हैं तो ये लोग सवाल उठाएंगे। आपने बस यह पक्का किया कि ये लोग वहां नहीं रहें।"
गंभीर के आने के बाद से विवाद ही विवाद
तिवारी ने आगे कहा, "मैंने देखा है कि जब से इस कोच ने भूमिका संभाली है, बहुत सारे विवाद हुए हैं। जो कुछ भी हो रहा है वह भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है। मेरा मानना है कि जब से वह हेड कोच बने हैं, अश्विन ने संन्यास ले लिया है। रोहित और विराट ने भी ऐसा किया है। अन्य चीजें भी हुई हैं, जैसे कि खिलाड़ियों को अप्रत्याशित रूप से टीम में जोड़ा गया और फिर सीधे शुरुआती एकादश में शामिल कर लिया गया। हमने देखा है कि गंभीर सुसंगत नहीं रहे हैं।"
इन्होंने सब कुछ खो दिया
मनोज तिवारी का कहना है, "मेरा मानना है कि जो परिस्थितियां बनाई गई हैं, जो माहौल बनाया गया है, इन खिलाड़ियों पर जो दबाव है, मेरा मानना है कि रोहित और विराट ने भारतीय क्रिकेट की खूब सेवा की है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का काम किया है। जिन खिलाड़ियों ने अपना दिल और आत्मा दी है, हमने देखा है कि उन्होंने अपना सब कुछ दिया है।"
ये दुर्भाग्यूपूर्ण होगा अगर...
उन्होंने आगे कहा, "अगर इन खिलाड़ियों को लगता है कि चीजें उनकी छवि को प्रभावित कर रही हैं और अब उन्हें ड्रेसिंग रूम में नहीं चाहते हैं, तो वे संन्यास लेने पर विचार कर सकते हैं। मेरा मानना है कि वे खेलना चाहते हैं। मुझे लगता है कि गंभीर इन दोनों व्यक्तियों को न रखने का इतना बड़ा फैसला नहीं लेंगे क्योंकि, व्हाइट-बॉल प्रारूप में, कोई भी इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकता है कि ये दोनों बेस्ट रहे हैं। यह वास्तव में एक खराब निर्णय होगा यदि गौतम इन दोनों को विश्व कप के लिए योजनाओं में शामिल नहीं करते हैं।"
