नई दिल्ली: एमएस धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स शनिवार को दिल्ली कैपिटल्स को उसके घर पर 77 रन के अंतर से मात देकर रिकॉर्ड 12वीं बार आईपीएल के प्लेऑफ दौर में पहुंचने में सफल रही। चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली के सामने 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 223 रन का स्कोर खड़ा करने में सफल हुई। इसके बाद धोनी के धुरंधरों ने दिल्ली को 20 ओवर में 9 विकेट पर 149 रन पर रोक दिया और मैच अपने नाम कर लिया।
एमएस धोनी(साभार IPL/BCCI)
नहीं होती है सफलता की कोई रेसिपी
चेन्नई के आखिरी लीग मुकाबले में प्लेऑफ में प्रवेश करने के बाद एमएस धोनी ने खुशी जताते हुए कहा, सफलता की कोई रेसिपी नहीं होती। आप कोशिश करते हैं और खिलाड़ियों का चयन करते हैं और उन्हें प्रदर्शन करने के लिए सही जगह मौका देते हैं। उन्हें उस चीज के लिए तैयार करते हैं जो उनका सबसे मजबूत पहलू है। किसी न किसी खिलाड़ी को टीम के लिए अपनी जगह कुर्बान करनी पड़ती है। टीम की सफलता का श्रेय मैनेजमेंट को भी जाता है जिन्होंने हमेशा हमारा समर्थन किया। लेकिन टीम की सफलता में खिलाड़ियों की सबसे अहम भूमिका है उनके बगैर हम कुछ नहीं कर सकते।
डेथ गेंदबाजी रही सबसे अहम
धोनी ने डेथ ओवरों में गेंदबाजी को सबसे बड़ी सफलता बताते हुए कहा, मेरे ख्याल से डेथ ओवरों में गेंदबाजी हमारा सबसे अहम पहलू रहा। इसके लिए विश्वास बेहद जरूरी है। तुषार इस वजह से डेवलप हो सके क्योंकि वो दबाव के समय में योजनाओं लागू करने में सक्षम हैं। इसके अलावा जब आप एक जैसी टीम के साथ मैदान पर उतरते हैं तो उसका फायदा मिलता है। गेंदबाजों ने भी अपने कंधों पर जिम्मेदारी ली। पथिराना की डेथ ओवरों की गेंदबाजी नेचुरल है लेकिन देशपांडे ने भी खुद को उसके लिए ढाला।
टीम के लिए खेलने वाले खिलाड़ियों को मिलेगी वरीयता
प्लेऑफ दौर के लिए टीम चयन के सवाल पर धोनी ने कहा, हमें यह देखना होगा कि कौन से खिलाड़ी टीम के लिए खेलते हैं व्यक्तिगत प्रदर्शन की चिंता नहीं करते हैं और जो नॉकआउट दौर में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। बाहर से टीम का चुनाव करना मुश्किल होता है। हम खिलाड़ियों को आजमाते हैं और उन्हें परिस्थितियों को अनुरूप ढालते हैं। हम खिलाड़ियों को अपनी तरफ से टीम में फिट करने की पूरी कोशिश करते हैं।
