मुंबई इंडियंस लगातार दो जीत दर्ज कर चेन्नई के एमए चिदंबरम पहुंची थी, जहां उसे उम्मीद थी कि वह जीत की हैट्रिक लगाने में कामयाब हो जाएगी। आंकड़े भी इस बात की गवाही दे रही थी क्योंकि चेन्नई के खिलाफ इस मैदान में मुंबई 2010 से लगातार जीत दर्ज कर रही थी। लेकिन अनहोनी को होनी करना धोनी को खूब आता है। उन्होंने इस मैच में भी यही किया और टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।
रोहित शर्मा और पियूष चावला
गेंदबाजों ने उनके फैसले को सही साबित किया और मुंबई 16 रन के स्कोर पर 3 विकेट गंवाकर संघर्ष करने पर मजबूर हुई। वो तो भला हो नेहल वढेरा का जिनकी 64 रन की दमदार पारी के दम पर मुंबई ने 8 विकेट के नुकसान पर 139 रन बनाए। जवाब में चेन्नई ने विस्फोटक शुरुआत की और रुतुराज गायकवाड़ और डेवॉन कॉनवे ने पहले विकेट के लिए 46 रन की साझेदारी की। डेवॉन कॉनवे के 46 रन की पारी के दम पर चेन्नई ने यह मुकाबला 14 गेंद शेष रहते 6 विकेट से जीत लिया।
हार के बाद कप्तान रोहित शर्मा अपने बल्लेबाजों के प्रदर्शन से निराश नजर आए। उन्होंने कहा 'बल्लेबाजों के लिए आज ऑफ डे था। हमने इतना रन नहीं बनाया कि गेंदबाजों को डिफेंड करने का मौका मिले। मध्यक्रम में भारतीय बल्लेबाज की कमी खली जो स्पिन गेंदबाजों को अच्छे से खेलता। तिलक वर्मा को आज के मैच में खोना दुर्भाग्यपूर्ण था।
पियूष चावला की तारीफ की
रोहित ने पियूष चावला की तारीफ की और कहा कि उन्हें दूसरे छोर से गेंदबाजों का साथ नहीं मिला। बतौर टीम आप यही उम्मीद करते हैं। उन्होंने कहा 'इस सीजन किसी भी टीम के लिए होम ग्राउंड का एडवांटेज नहीं हैं। हमें खेल के तीनों विभागों में बेहतर करने की जरूरत है, हम अगले दो मैचों में घर पर खेलेंगे, हम देखेंगे कि यह कैसा रहता है।
