What is Slow Over Rate: आईपीएल के सोलहवें सीजन के एक तिहाई मैच अबतक खेले जा चुके हैं। दिल्ली कैपिटल्स को छोड़कर बाकी की 9 टीमें प्लेऑफ में पहुंचने के लिए जद्दोजहत करती दिख रही हैं। लेकिन कप्तानों के ऊपर स्लो ओवर रेट के लिए लगातार गाज गिर रही है। ऐसे में हर कोई ये जानना चाहता है कि आखिर ये स्लो ओवर रेट होता क्या है, क्या होता है इसकी गणना का आधार और क्यों गिर रही है कप्तानों के ऊपर गाज।
राजस्थान बनाम लखनऊ(साभार IPL/BCCI)
क्या होता है स्लो ओवर रेट (Slow Over Rate)
सभी टीमों को तय समय में 20 ओवर गेंदबाजी करनी होती है। आईपीएल में एक पारी में 20 ओवर फेंकने के लिए आदर्श स्थिति में 90 मिनट का समय तय होता है। तकनीकी तौर पर गेंदबाजी करने वाली टीमों को इसके लिए 85 मिनट मिलते हैं जबकि 5 मिनट स्ट्रैटजिक टाइम आउट के होते है। यदि मैच का 20वां ओवर 85वें मिनट में शुरू हो जाता है तो कप्तान और टीम पर स्लो ओवर रेट का जुर्माना नहीं लगता है। अगर कोई टीम 85 मिनट के अंदर 20वां ओवर नहीं शुरू कर पाती है तो उसे स्लो ओवर रेट का जुर्माना देना पड़ता है।
स्लो ओवर रेट के लिए लगता है कितना जुर्माना(What is fine for slow over rate?)
आईपीएल 2023 से स्लो ओवर रेट के लिए टीमों पर दोहरा जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है। पहले तो मैच के दौरान जितने ओवर 85 ओवर में टीम ने कम फेंके होते हैं उतने ओवर 30 गज से बाहर एक फील्डर कम रखने का प्रावधान किया गया है। वहीं स्लो ओवर रेट के लिए कप्तान के ऊपर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। तीन बार स्लो ओवर रेट पर जुर्माना लगने पर एक मैच का प्रतिबंध लगाने का भी प्रावधान है।
