Indian Hockey Team: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में पहली बार अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। दो दिन पहले आइची-नागोया में खेले गए फाइनल में हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम ने मलेशिया को 5-1 से रौंदकर गोल्ड मेडल जीता। इस जीत के साथ ही टीम ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए सीधा क्वालीफिकेशन भी हासिल कर लिया है। ये भारतीय हॉकी टीम का एशियन गेम्स में 5वां गोल्ड है। इससे पहले 1966 बैंकॉक, 1998 बैंकॉक, 2014 इंचियोन और 2022 हांगझोऊ में टीम चैंपियन बनी थी। खास बात ये है कि इस बार पुरुष और महिला दोनों टीमों ने गोल्ड जीता है।
ओलंपिक के लिए भारतीय हॉकी टीम ने शुरू की तैयारी (फोटो साभार- Hockey India)
कोच ने ओलंपिक पर किया फोकस
एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने के बाद भारतीय टीम के हेड कोच क्रेग फुल्टन ने अब सीधा ओलंपिक पर फोकस कर दिया है। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) की प्रेस रिलीज के मुताबिक फुल्टन ने कहा, "LA 2028 दो साल के अंदर है। समय लंबा जरूर लग रहा है, लेकिन जल्दी आ जाएगा। हम सही शेड्यूल और प्लानिंग पर काम कर रहे हैं। दो साल पहले, एक साल पहले, 6 महीने पहले की तैयारी कैसी होगी, उस हिसाब से ब्लॉक्स तैयार कर रहे हैं।"
HIL के बाद बनाएंगे नई टीम
फुल्टन ने कहा कि हॉकी इंडिया लीग (HIL) खत्म होने के बाद वह एक नई टीम बनाएंगे। उन्होंने कहा, "हमारे पास अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा ग्रुप है, कुछ युवा भी हैं। लेकिन इंडिया-A टीम और अंडर-21 टीम में बहुत सारे युवा टैलेंट हैं। अगले 2-3 महीनों में HIL के बाद हम सभी टैलेंट को देखेंगे, नई स्क्वॉड चुनेंगे और नए सिरे से शुरुआत करेंगे ताकि युवा और अनुभव में सही संतुलन बने।"
पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक सेमीफाइनल
कोच फुल्टन ने पाकिस्तान के खिलाफ एशियन गेम्स सेमीफाइनल मुकाबले को भी याद किया। गिफू स्टेडियम में भारत ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 3-0 की लीड गंवा दी थी। हरमनप्रीत सिंह और सुखजीत सिंह ने स्कोर 3-0 कराया था, लेकिन पाकिस्तान ने 3-3 कर दिया। आखिरी मिनट में अभिषेक ने गोल कर भारत को फाइनल में पहुंचाया। इसे लेकर कोच ने कहा, "पाकिस्तान को फ्री मौके दो तो वो सजा देते हैं। हमने आखिरी मिनट में गोल करने का तरीका ढूंढा।"
सरकार का 77.8 करोड़ का साथ
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने महिला और पुरुष दोनों कटेगरी में गोल्ड जीता। इस डबल गोल्ड के पीछे सरकार का बड़ा हाथ है। SAI ने महिला और पुरुष दोनों टीमों पर 77.8 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। जिसमें कैंप, विदेशी टूर्नामेंट, विदेशी कोच की सैलरी और इक्विपमेंट शामिल हैं। फुल्टन ने कहा, "सरकार हमारी सबसे बड़ी सपोर्टर है। ग्रासरूट से सीनियर तक उन्होंने पैसा लगाया। तभी महिला टीम 44 साल बाद गोल्ड जीती और हम बैक-टू-बैक चैंपियन बने। एशिया में तो दबदबा है, अब वर्ल्ड स्टेज पर भी यही करना है।"
