Ruturaj Gaikwad on Virat Kohli comparison: भारतीय बल्लेबाज रुतुराज गायकवाड़ अच्छी तरह से जानते हैं कि बल्लेबाजी क्रम में तीसरे स्थान पर विराट कोहली की जगह की भरपाई करना काफी मुश्किल है और उनका ध्यान टीम की जरूरत के मुताबिक किसी भी स्थान पर बल्ले से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर है।
रुतुराज गायकवाड़ (फोटो- X)
टी20 विश्व कप जीत के बाद क्रिकेट के सबसे छोटे अंतरराष्ट्रीय प्रारूप से कोहली, कप्तान रोहित शर्मा और हरफनमौला रविंद्र जडेजा ने संन्यास की घोषणा कर दी। इससे युवा खिलाड़ियों के लिए दरवाजे खुल गये और गायकवाड़ एक ऐसे प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैं जो तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने की क्षमता रखते हैं।
कोहली से तुलना के बारे में सोचना भी मुश्किल- गायकवाड़
गायकवाड़ ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय की पूर्व संध्या पर कहा 'यह बड़ा मुद्दा है और मुझे नहीं लगता कि इस बारे में सोचने का यह सही समय है। उनसे (कोहली) तुलना करने के बारे में सोचना भी या उनकी कमी को पूरा करने की कोशिश बहुत-बहुत मुश्किल है।मैंने आईपीएल के दौरान भी कहा था कि किसी की भी कमी को पूरा करना काफी कठिन होता है। आप अपने करियर को अपने मुताबिक आगे बढ़ाना चाहते हैं और अभी यही मेरी प्राथमिकता है।'
टीम की जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी करने को तैयार गायकवाड़
घरेलू क्रिकेट में पारी का आगाज करने वाले गायकवाड़ ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शुरुआती दो मैचों में तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी की है। पुणे का यह क्रिकेटर हालांकि टीम की जरूरत के मुताबिक किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी करने के लिए तैयार है।टीम को जहां मेरी जरूरत होगी मैं वहां बल्लेबाजी करूंगा। इसमें कोई समस्या नहीं है। पारी का आगाज करने और तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करने में कोई ज्यादा अंतर नहीं है क्योंकि आपको इन दोनों जगहों पर नयी गेंद का सामना करना होता है।'
मेरी बल्लेबाजी में नहीं आया है कोई बदलाव- गायकवाड़
गायकवाड़ ने कहा कि आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी ने उन्हें खेल के अन्य पहलुओं पर नजर रखने के लिए प्रेरित किया लेकिन इससे उनकी बल्लेबाजी पर कोई फर्क नहीं पड़ा।उन्होंने कहा -'कोई ज्यादा बदलाव नहीं आया है। मेरी बल्लेबाजी पहले की तरह ही है। मुझे जिम्मेदारी से खेलने के साथ मैच को खत्म करने पर ध्यान देना होता है।इससे खेल के नजरिये को लेकर थोड़ा बदलाव आया है। मुझे लगता है कि आईपीएल में कप्तानी करने के बाद आप सिर्फ बल्लेबाजी नहीं बल्कि खेल के अन्य पहलुओं से ज्यादा जुड़ते हैं।'
