Morne Morkel on India Tour: इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने माना कि टीम को लाल गेंद के साथ कम अभ्यास मिलने के कारण वह थोड़े चिंतित हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पिछले तीन दिनों की तैयारी से वह संतुष्ट हैं और टीम में नई ऊर्जा और जोश दिख रहा है।
मॉर्ने मॉर्कल (फोटो- BCCI)
"इंग्लैंड में निरंतरता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती"
भारतीय टीम के अभ्यास सत्र के बाद मोर्कल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि "इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निरंतरता बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण होगा। हमारे खिलाड़ियों को अपने खेल के अनुकूल प्रक्रिया तैयार करनी होगी। अभ्यास के दौरान हम इसी पर ध्यान दे रहे हैं।'उन्होंने आगे कहा कि "हमारी टीम में विविधता है। हमारे पास अलग-अलग कौशल वाले गेंदबाज हैं जो इंग्लैंड की पिचों पर प्रभावी हो सकते हैं। लेकिन साथ ही, हमें बेसिक्स (मूलभूत बातों) पर भी मजबूती से काम करना होगा।"
"लाल गेंद से कम खेलने की वजह से थोड़ी चिंता"
भारत ने आखिरी बार जनवरी 2025 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में लाल गेंद से खेला था। इसके बाद से टीम ने सिर्फ सफेद गेंद (वनडे और T20) पर ध्यान दिया है। मोर्कल ने स्वीकार किया कि यह एक चिंता का विषय है।"हाल में लाल गेंद से कम प्रैक्टिस हुई है, जिसकी वजह से मैं थोड़ा नर्वस था। लेकिन पिछले तीन दिनों में खिलाड़ियों ने जिस तरह से मेहनत की है, वह उत्साहवर्धक है।"
युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ी परीक्षा
इस सीरीज में यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन और कुछ अन्य युवा खिलाड़ियों को पहली बार इंग्लैंड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खेलना होगा। मोर्कल ने कहा कि टीम में ऊर्जा और टीम भावना अच्छी है, जो टेस्ट क्रिकेट में बेहद जरूरी है।मोर्कल ने बताया कि अभी तक के अभ्यास मैचों में परिस्थितियां गेंदबाजों के पक्ष में रही हैं, जिससे बल्लेबाजों को चुनौती मिली है। उन्होंने कहा कि "लीड्स की पिच पर अभ्यास के दौरान गेंदबाजों को अच्छी स्विंग और सीम मिली, जो एक अच्छा संकेत है। बल्लेबाजों के लिए यह अच्छी तैयारी रही।"
पहला टेस्ट 20 जून से, WTC चक्र की शुरुआत
यह सीरीज भारत के लिए 2025-27 विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) चक्र की पहली श्रृंखला है। शुभमन गिल की कप्तानी में भारत की टीम नए सिरे से अपनी टेस्ट पहचान बनाने की कोशिश करेगी।
पहला टेस्ट: 20 जून, हेडिंग्ले, लीड्स
दूसरा टेस्ट: 28 जून, एजबेस्टन, बर्मिंघम
तीसरा टेस्ट: 6 जुलाई, लॉर्ड्स, लंदन
चौथा टेस्ट: 14 जुलाई, ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर
पांचवां टेस्ट: 22 जुलाई, द ओवल, लंदन
भारतीय टीम के सामने इंग्लैंड की सीम-स्विंग फ्रेंडली पिच और लाल गेंद की कम प्रैक्टिस बड़ी चुनौती होगी। लेकिन मोर्कल का मानना है कि टीम में युवा जोश और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन है, जो इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। क्रिकेट प्रेमी इस भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के लिए उत्सुक हैं!
