ICC Post Pregnancy Guidelines: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने सोमवार को महिला खिलाड़ियों के लिए मातृत्व के बाद क्रिकेट में सुरक्षित और सुगम वापसी सुनिश्चित करने के लिए ‘रिटर्न टू प्ले पोस्ट प्रेगनेंसी गाइडलाइंस’ जारी की। इन दिशा-निर्देशों का मकसद खिलाड़ियों को बच्चा होने के बाद शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करके दोबारा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लाना है।ICC ने वापसी के लिए 16 सप्ताह का विंडो तय किया है। ICC ने कहा है कि खिलाड़ी की प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी के बाद एक ‘केस मैनेजर’ भी नियुक्त किया जाएगा, जो डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट होगा। यह केस मैनेजर पूरी प्रक्रिया में खिलाड़ी की सेहत और प्रगति पर नजर रखेगा। इस पूरी प्रक्रिया को छह ‘R’ के ढांचे में बांटा गया है—रेडी, रिव्यू, रेस्टोर, रिकंडीशन, रिटर्न और रिफाइन।
जय शाह (ICC)
क्या है 6R ढांचा:
रेडी (तैयार): जन्म के बाद शुरुआती रिकवरी पर फोकस।
रिव्यू (समीक्षा): मेडिकल और वेलनेस जांच। मां बनने के बाद जीवन में आए बदलाव से सामंजस्य बिठाने के लिए मनोवैज्ञानिक सहयोग भी शामिल
रेस्टोर (बहाली): धीरे-धीरे फिटनेस और दमखम बढ़ाने वाले अभ्यास।
रिकंडीशन (फिर से संगठित होना): करीब 8 सप्ताह बाद डॉक्टर या फिजियो की निगरानी में दौड़ना और क्रिकेट से जुड़ी ट्रेनिंग शुरू करना।
रिटर्न (वापसी): सुनियोजित अभ्यास और क्रिकेट संबंधी अनुकूलन के बाद मैदान पर वापसी। इससे पहले हर तरह के लक्षणों की जांच जरूरी होगी।
रिफाइन (परिष्कृत): वापसी के बाद लगातार मॉनिटरिंग और प्रदर्शन सुधार।
क्या बोले ICC प्रेसिडेंट जय शाह
ICC अध्यक्ष जय शाह ने कहा कि किसी खिलाड़ी को अब मातृत्व और देश के लिए खेलने के बीच चयन नहीं करना पड़ेगा। ये दिशा-निर्देश खेल में सहयोगात्मक और सूचित माहौल बनाने की दिशा में अहम कदम हैं। उन्होंने कहा, “महिला क्रिकेट दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में खिलाड़ियों की भलाई का ध्यान रखना, प्रतिभा को बनाए रखना और आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता मजबूत करना जरूरी है। ये गाइडलाइंस हमारी उस प्रतिबद्धता को दिखाती हैं जिसमें महिलाएं मैदान पर और मैदान के बाहर, दोनों जगह आगे बढ़ सकें।” ICC का मानना है कि इन दिशा-निर्देशों से महिला खिलाड़ियों को करियर और मातृत्व के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी और वे बिना डर या दबाव के खेल में वापसी कर सकेंगी।
