अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने टेस्ट क्रिकेट में बड़े बदलाव किए हैं। अहमदाबाद में हुई सालाना बैठक में आईसीसी बोर्ड ने कई नए नियमों को मंजूरी दी। इनमें सबसे अहम है खराब रोशनी में गुलाबी गेंद का इस्तेमाल और ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान कोच का मैदान पर आना। इसके अलावा क्रिकेट कनाडा पर भी बड़ी कार्रवाई हुई है। आईसीसी ने टेस्ट मैचों में गुलाबी गेंद के इस्तेमाल को ट्रायल के तौर पर मंजूरी दे दी है। लेकिन इसके लिए दोनों टीमों की पहले से सहमति जरूरी होगी। अभी टेस्ट में लाल गेंद से खेल होता है। अगर दिन में रोशनी कम हो जाती है तो अक्सर मैच रुक जाता है और ओवर पूरे नहीं हो पाते। नए नियम के बाद मैच लाल गेंद से ही शुरू होगा।
खराब रोशनी में पिंक बॉल (ICC)
खराब लाइट में आएगी गुलाबी गेंद
मान लीजिए एक दिन में 90 ओवर फेंकने हैं। अगर 75 ओवर के बाद रोशनी कम हो गई तो बचे हुए 15 ओवर फ्लडलाइट में गुलाबी गेंद से कराए जा सकेंगे। इससे खेल का नुकसान कम होगा। हालांकि भारतीय टीम इस पर क्या रुख अपनाती है ये देखना होगा। क्योंकि टीम इंडिया घर में गुलाबी गेंद से टेस्ट खेलने से पहले भी बचती रही है। गुलाबी गेंद से सीम ज्यादा मूव होती है। आईसीसी और एमसीसी मिलकर स्टेडियम की लाइटिंग पर भी रिसर्च करेंगे ताकि कम रोशनी में भी खेल चलता रहे।
ड्रिंक्स ब्रेक में मैदान पर आएंगे कोच
अब टेस्ट मैच में भी टी20 की तरह ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान कोच मैदान पर आ सकेंगे। मुख्य कोच या उनका कोई साथी खिलाड़ियों से रणनीति पर बात कर पाएगा। अभी तक टेस्ट में इसकी इजाजत नहीं थी। टी20 में टाइम आउट के दौरान कोच मैदान पर आते हैं। इसके अलावा टी20 में पारी के बीच 15 मिनट का ब्रेक अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही नई पारी शुरू होते ही बल्लेबाज को तुरंत तैयार रहना होगा। अब मैदानी अंपायर गेंदबाज का एक्शन चेक करने के लिए हॉक-आई का डेटा देख सकेंगे। अगर उन्हें लगता है कि कोई गेंदबाज चकिंग कर रहा है तो वे डेटा के आधार पर रिपोर्ट कर पाएंगे। साथ ही लेग साइड वाइड का ट्रायल नियम अब परमानेंट कर दिया गया है। ये सभी नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे।
