Sunil Gavaskar: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों चोटों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या, वॉशिंगटन सुंदर, साई सुदर्शन, नितीश रेड्डी और हर्षित राणा जैसे मैच विनर खिलाड़ी मैदान से बाहर हैं। टीम की प्लेइंग XI हर सीरीज में बदल रही है और इसका असर नतीजों पर भी दिख रहा है। इस बीच पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने BCCI के फिटनेस और ट्रेनिंग सिस्टम पर सीधे सवाल दागे हैं। उनका कहना है कि बार-बार हो रही चोटों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के फिजियो जिम्मेदार नहीं हैं।
सुनील गावस्कर (फोटो साभार- BCCI)
बन गई है हैमस्ट्रिंग की बीमारी
Mid-Day में लिखे कॉलम में गावस्कर ने कहा कि बुमराह को घुटने की परेशानी है, लेकिन बाकी ज्यादातर केस हैमस्ट्रिंग से जुड़े हैं। उन्होंने लिखा, "जब एक ही तरह की चोट बार-बार आ रही है तो साफ है कि ट्रेनिंग प्रोग्राम में कोई कमी है। खिलाड़ी देश के लिए खेलते हुए चोटिल हो रहे हैं और इल्जाम बेंगलुरु के CoE पर लग रहा है। ये ठीक नहीं है।" हाल ही में VVS लक्ष्मण और BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने भी कहा था कि CoE सिर्फ रिहैब के लिए नहीं बना है। गावस्कर ने इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि समस्या जड़ में है।
20 गेंद डालकर कैसे होगी मैच की तैयारी
गावस्कर ने वर्कलोड मैनेजमेंट और बायोमैकेनिक्स के नाम पर नेट्स में लगाई जा रही पाबंदियों को भी गलत बताया। उन्होंने लिखा, "सुना है IPL में भी कुछ फिजियो गेंदबाजों को 20 गेंद से ज्यादा नहीं डालने देते। लेकिन 4 ओवर का स्पेल यानी 24 गेंद मैच में डालनी ही हैं। अगर अभ्यास में ही आधा वर्कलोड नहीं करोगे तो मैच की कठोरता झेलोगे कैसे?"
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जिम नहीं मैदान के हीरो बनो
1983 के वर्ल्ड कप हीरो ने जिम आधारित फिटनेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि खिलाड़ियों को "मैच फिट" बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने लिखा, "हमें ये समझना होगा कि चोटें क्यों दोहरा रही हैं। जिम में भारी वजन उठाना या फिटनेस टेस्ट पास करना काफी नहीं है। मैदान पर 50 ओवर फील्डिंग, बैटिंग, बॉलिंग की डिमांड अलग होती है। शायद मेरी सोच पुराने जमाने की है, लेकिन फिटनेस का मतलब खेल के लिए तैयार होना है।" कप्तान शुभमन गिल ने भी इंग्लैंड से मिली ODI हार के बाद इसी मुद्दे को उठाया था। गिल ने कहा था कि लगातार चोटों से टीम का कॉम्बिनेशन बिगड़ रहा है। वर्ल्ड कप में 9-10 मैच खेलने हैं, अगर अभी खिलाड़ी नहीं टिक पा रहे तो आगे क्या होगा? गावस्कर के बयान के बाद अब चर्चा CoE से हटकर पूरे भारतीय क्रिकेट के ट्रेनिंग कल्चर पर आ गई है।
