EXPLAINED: क्या है टेस्ट क्रिकेट में टू टियर सिस्टम? जानें क्यों हो रहा है इसका विरोध

What is 2 Tier System in Test? अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के अध्‍यक्ष जय शाह की अगुवाई में सिंगापुर में बड़ी बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें टेस्ट क्रिकेट को दो-टियर (Two-Tier) प्रणाली में बांटने की योजना पर चर्चा की जाएगी।आइए विस्तार से जानते हैं कि यह प्रणाली क्या है, इसके फायदे क्या होंगे और इससे कौन-कौन से नुकसान हो सकते हैं।

What is 2 Tier System in Test? क्रिकेट का सबसे पुराना फॉर्मेंट टेस्ट लगातार बदलावों के दौर से गुजर रहा है और इसमें जहां खिलाड़ियों ने खेलने के नए तरीके अपनाएं हैं वहीं दूसरी ओर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल भी इसे रोमांचक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका आनंद लें और इससे जुड़े। इसी के चलते टेस्ट में एक नए सिस्टम को लाने की प्लानिंग चल रही है। दरअसल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के अध्‍यक्ष जय शाह की अगुवाई में सिंगापुर में बड़ी बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें टेस्ट क्रिकेट को दो-टियर प्रणाली में बांटने की योजना पर चर्चा की जाएगी रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पर सहमति भी बन सकती है। इस नई संरचना के तहत वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप को दो स्तरों में बांटने का विचार किया गया है। जिसमें एक टॉप टियर रहेगा और दूसरा सेकेंड टियर। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह प्रणाली क्या है, इसके फायदे क्या होंगे और इससे कौन-कौन से नुकसान हो सकते हैं।

what is two tier system.

टेस्ट में होगा बड़ा बदलाव

क्या है नया सिस्टम?

टू टियर सिस्टम के तहत टेस्ट खेलने वाली टीमों को दो भागों में बांटा जाएगा। टॉप टियर में मजबूत और ज्यादा प्रतिस्पर्धी टीमें होंगी (जैसे भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान, श्रीलंका और न्यूजीलैंड), जबकि सेकेंड टियर में बाकी टीमें रहेंगी (जैसे वेस्टइंडीज, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, आयरलैंड और जिम्बाब्वे)। हर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकिल के अंत में टॉप टियर की आखिरी टीम सेकेंड टियर में चली जाएगी और सेकेंड टियर की सबसे ऊपर वाली टीम को प्रमोशन मिलेगा।

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