अच्छा कप्तान व खिलाड़ी वही है जो अपनी गलती को स्वीकार करे और उसमें सुधार करते हुए आगे बढ़े। अपने स्वर्णिम करियर में इंग्लैंड के महान क्रिकेटर जो रूट ने ऐसा कई बार किया है और अब जब वो टेस्ट कप्तान हैं तो वो इसको हर मैच के साथ अपना भी रहे हैं। हाल में टेस्ट सीरीज के दौरान उनसे क्या भूल हुई इसका खुलासा उन्होंने खुद ही किया और वादा किया कि वो आगे ऐसी चूक नहीं करने वाले। इंग्लैंड की टीम पाकिस्तान के खिलाफ 3 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने जा रही है जिसका आगाज 19 अगस्त को हेडिंग्ले में होगा, जिसके बाद लॉर्ड्स में 27 अगस्त से और एजबेस्टन में 9 सितंबर से टेस्ट मैच आयोजित होंगे।
इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट ने स्वीकार की अपनी गलती (Instagram/Root66)
दरअसल, इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान के तौर पर वापसी करने वाले जो रूट ने माना है कि कप्तान के तौर पर अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किया होगा। उन्होंने वादा किया कि इस बार वह तेज गेंदबाज के वर्कलोड को ज्यादा सावधानी से संभालेंगे। टेस्ट कप्तान के तौर पर अपने पहले कार्यकाल के दौरान, रूट को आर्चर का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल करने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था। नवंबर 2019 में न्यूज़ीलैंड में अपने पहले विदेशी टेस्ट मैच में उन्होंने आर्चर से 42 ओवर गेंदबाजी करवाई थी। इसके बाद आर्चर को कई चोटों का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह से वह 2021 से 2025 तक चार साल से ज़्यादा समय तक टेस्ट क्रिकेट से बाहर रहे।
अब, जब रूट 19 अगस्त से शुरू होने वाली तीन टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज में इंग्लैंड की कप्तानी करने की तैयारी कर रहे हैं, तो उन्होंने माना कि कप्तान के तौर पर अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने आर्चर का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल किया होगा। लेकिन उन्होंने कहा कि अब इंग्लैंड के पास उनके वर्कलोड को बेहतर ढंग से संभालने के लिए काफ़ी बॉलिंग विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने आर्चर की तारीफ़ करते हुए उन्हें 'जेनरेशनल टैलेंट' (असाधारण प्रतिभा वाला खिलाड़ी) बताया, जो सभी फॉर्मेट में इंग्लैंड के लिए बड़ा असर डाल सकते हैं।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि कभी-कभी शायद मैंने उनसे ज़रूरत से ज़्यादा गेंदबाजी करवाई और उनका ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल किया। अभी जिस बॉलिंग अटैक के साथ वह खेलते हैं, वह उनके खेल के लिए बहुत अच्छा है। ऐसे दूसरे खिलाड़ी भी हैं जो वह भूमिका निभा सकते हैं जिसके लिए मैंने पहले जोफ्रा का इस्तेमाल किया होगा। मेरा मानना है कि वह एक असाधारण प्रतिभा वाले खिलाड़ी हैं और इंग्लैंड के लिए सभी फ़ॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन करेंगे। टेस्ट क्रिकेट में भी वह कमाल कर सकते हैं। साफ है, जैसा कि मैंने कहा, पहली बार में मैंने सब कुछ सही नहीं किया था।"
रूट बोले- मुझसे गलतियां हुईं
उन्होंने आगे कहा, "मुझसे गलतियां हुईं, लेकिन आगे बढ़ने में वह हमारे लिए बहुत अहम भूमिका निभाएंगे। मैं उनके साथ फिर से काम करने के लिए बहुत उत्साहित हूं।" रूट ने माना कि कप्तान के तौर पर उनके पहले कार्यकाल का असर अभी भी लोगों की सोच पर है, लेकिन उन्होंने कहा कि उस अनुभव ने उन्हें परिपक्व होने और फ़ैसले लेने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद की है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इंग्लैंड के कप्तान के तौर पर अपनी दूसरी पारी शुरू करते समय पिछली गलतियों को रुकावट के बजाय सीख के तौर पर देखा जाना चाहिए।
रूट ने कहा, "मुझे लगता है कि मेरे लिए सबसे मुश्किल बात लोगों की वो राय होगी जो चार साल पहले मेरी कप्तानी के बारे में थी। मुझे लगता है कि यह याद रखना बहुत ज़रूरी है - और मेरे लिए तो सबसे ज़्यादा - कि मैं अब उस खिलाड़ी से बिल्कुल अलग हूँ जो चार साल पहले था। एक खिलाड़ी के तौर पर, मैंने हमेशा खुद को बेहतर बनाने और अपने खेल को आगे ले जाने की कोशिश की है। मैं इसे भी उसी नज़रिए से देखता हूँ। आपको सीखना होता है।"
अपनी गलतियों से सीख लेने की बात करते हुए रूट बोले, "जब आप गलतियां करते हैं या कुछ गलत हो जाता है, तो आप खुद को देखते हैं और जानते हैं कि आप वह गलती दोबारा नहीं करना चाहते। आप उससे सीखते हैं और अगली बार के लिए तैयार रहते हैं। यह कोई रुकावट नहीं बननी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि लोग इसे उस तरह से नहीं देखेंगे। मुझे उम्मीद है कि वे इसे दोबारा मौका मिलने के एक बड़े फ़ायदे के तौर पर देखेंगे।"
