बेंगलुरु: तेज गेंदबाज तुषार देशपांडे और ऑफ स्पिनर तनुष कोटियान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार-चार विकेट लिए जिससे पश्चिम क्षेत्र ने दलीप ट्रॉफी मुकाबले के पहले दिन ’सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ में उत्तर क्षेत्र को महज 251 रन पर ऑलआउट कर दिया। देशपांडे ने 57 रन देकर और कोटियान ने 72 रन देकर चार-चार विकेट झटके। उत्तर क्षेत्र की टीम एक समय 117 रन पर दो विकेट गंवाकर अच्छी स्थिति में दिख रही थी लेकिन बाद में टीम 220 रन पर नौ विकेट गंवाकर मुश्किल में फंस गई। हालांकि अंशुल कंबोज ने 52 गेंद पर पांच चौकों और इतने ही छक्कों की मदद से आक्रामक 60 रन बनाकर टीम को 250 रन के पार पहुंचाया।
नॉर्थ जोन बनाम वेस्ट जोन (फोटो क्रेडिट BCCI Domestic X)
उत्तर क्षेत्र ने कुछ हद तक वापसी भी की। बाएं हाथ के स्पिनर आबिद मुश्ताक ने शानदार गेंद पर सलामी बल्लेबाज पृथ्वी साव को क्लीन बोल्ड किया जबकि दूसरे सलामी बल्लेबाज हार्विक देसाई को भारत के टी20 विशेषज्ञ अर्शदीप सिंह ने कैच आउट कराया। दिन का खेल खत्म होने तक पश्चिम क्षेत्र ने दो विकेट गंवाकर 31 रन बना लिए थे।
रविचंद्रन अश्विन के सीरीज के दौरान संन्यास की घोषणा करने के बाद 2024-25 में कोटियान को उनके विकल्प के रूप में ऑस्ट्रेलिया बुलाया गया था। हालांकि उन्हें कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन अपने ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर कोटियान भारतीय टीम की दौड़ में बने रहे और 2025 में भारत ए के साथ इंग्लैंड दौरे पर भी गए। हालांकि 2025-26 के रणजी ट्रॉफी सत्र में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा जिससे वह चयन की दौड़ में पीछे हो गए और सारांश जैन उनसे आगे निकलकर टेस्ट पदर्पण करने में सफल रहे।
दूसरे स्पेल में प्रभावी दिखे कोटियान
इस मैच में कोटियान ने गेंदबाजी की शुरुआत की, लेकिन उनका प्रभाव दूसरे स्पेल में दिखा। उन्होंने जुझारू बाएं हाथ के बल्लेबाज आयुष दोसैजा (42) को आउट किया। पारी के अंतिम हिस्से में कोटियान ने निचले क्रम के बल्लेबाजों को समेटने का काम किया जबकि देशपांडे ने तेज रफ्तार से गेंदबाजी करते हुए बल्लेबाजों को परेशान किया और मध्यक्रम को तहस-नहस कर दिया।
भारी पड़ा सनत सांगवान को बाहर रखने का फैसला
उत्तर क्षेत्र के लिए रणजी ट्रॉफी में 800 से ज्यादा रन बनाने वाले सलामी बल्लेबाज सनत सांगवान को बाहर रखने का फैसला भारी पड़ा। यश धुल के चयन पर भी सवाल उठे क्योंकि भारत की अंडर-19 टीम के पूर्व कप्तान इस दौरान कोटियान और मुकेश चौधरी की गेंदों के खिलाफ आत्मविश्वास से नहीं खेल सके और अंततः शार्दुल ठाकुर का शिकार बने। आयुष बडोनी (51) ने क्रीज पर रहते हुए प्रभावशाली बल्लेबाजी की और तेज तथा स्पिन दोनों गेंदबाजों के खिलाफ सहज नजर आए। लेकिन बडोनी के आउट होने के बाद उत्तर क्षेत्र के बाकी बल्लेबाज ज्यादा देर तक नहीं टिक सके। अंततः कंबोज ने आक्रामक अर्धशतक लगाकर टीम को इस स्कोर तक पहुंचाया।
(भाषा)
