गेंद की क्वालिटी की कड़ी आलोचना के बीच ड्यूक गेंद के निर्माता ने तोड़ी चुप्पी

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैच की टेस्ट सीरीज के दौरान ड्यूक गेंद के आकार में जल्दी बदलाव होने की वजह से आलोचना हो रही है। इस मसले पर कंपनी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।

लंदन: भारत-इंग्लैंड टेस्ट श्रृंखला में ड्यूक गेंद को लेकर खिलाड़ियों की ओर से काफी आलोचना हुई है लेकिन इसके मालिक दिलीप जाजोदिया चाहते हैं कि ‘खेल के सुपरस्टार’ इस विवादास्पद विषय पर थोड़ा और धैर्य दिखाएं। तीसरे टेस्ट के दौरान जाजोदिया ने पीटीआई से कहा कि इंग्लैंड में असामान्य रूप से गर्म मौसम और मौजूदा समय में बल्लेबाजों के आक्रामक खेल को ध्यान में रखते हुए उनकी कंपनी सुधार करने के लिए हमेशा तैयार रहती है। डयूक गेंद 18वीं सदी से इंग्लैंड में इस्तेमाल हो रही है।

Ducks ball

ड्यूक बॉल (फोटो क्रेडिट AP)

दूसरे दिन के पहले सत्र में दो बार बदली गई गेंद

लॉर्ड्स में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन सुबह के सत्र में दो बार गेंद को बदला गया। महज 10 ओवर के खेल के बाद गेंद को दोबारा बदलने को लेकर भारतीय खिलाड़ियों में रोष दिखा। उन्होंने कहा,'विश्व क्रिकेट में केवल तीन मान्यता प्राप्त निर्माता हैं (ड्यूक्स, एसजी और कूकाबुरा)। क्रिकेट गेंद बनाना आसान नहीं है। यह अगर आसान होता, तो दुनिया भर में सैकड़ों निर्माता होते। इसलिए मुझे लगता है कि खिलाड़ियों को यह समझने की जरूरत है कि हम हाथ पर हाथ धरे बैठे नहीं हैं। हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। अगर कोई समस्या है तो उसकी समीक्षा की जाएगी और हम उसका हल निकालने की कोशिश करेंगे। चाहे वह चमड़े की खराबी हो या किसी और चीज की। हम इसकी जांच करेंगे। मैं आराम से बैठा सिगार नहीं पी रहा हूं।'

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