पूर्व भारतीय कप्तान और सेलेक्टर दिलीप वेंगसरकर ने बीसीसीआई की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों से सेलेकटर्स के पास न दूरदर्शिता नजर आती है और न ही कोई क्रिकेट सेंस दिखता है। उन्होंने कहा कि उन्हें पता नहीं है कि क्या करना है। उन्होंने इसके लिए 2021 श्रीलंका दौरे का उदाहरण दिया जब शिखर धवन को टीम इंडिया का कप्तान चुना गया था जब मेन टीम इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट खेल रही थी। उन्होंने कहा बीते समय में सेलेक्टर्स का कोई विजन नजर नहीं आता।
रोहित के नेतृत्व में टीम इंडिया (साभार-BCCI)
हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए दिलीप वेंगसरकर ने कहा 'दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछले 6-7 सालों में मैंने जो सेलेक्टर्स देखा है न ही उनमें कोई विजन दिखता है, न इस गेम को लेकर कोई ज्ञान और न ही क्रिकेटिंग सेंस। उन्होंने शिखर धवन को कप्तान बना दिया जब प्रमुख खिलाड़ी उपस्थित नहीं थे। ऐसे में आपकी भविष्य की तैयारी कहां हैं?
बेंस स्ट्रैंथ पर कोई तैयारी नहीं
उनको लगता है कि यह वो वक्त था जब भविष्य के कप्तान को तैयार करना था, लेकिन उन्होंने टीम के सबसे वरिष्ठ खिलाड़ी शिखर धवन को टीम का कप्तान नियुक्त कर दिया। इसके अलावा उन्होंने बीसीसीआई की आलोचना करते हुए कहा कि केवल आईपीएल करवाना ही काफी नहीं है। आप किसी को तैयार नहीं कर रहे हैं। आप दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्डों में से हैं। आपकी बेंच स्ट्रैंथ कहां है? केवल आईपीएल कराना और करोड़ों कमाना काफी नहीं है।
उनका यह सवाल कुछ हद तक सही भी है, क्योंकि टीम इंडिया 2013 से आईसीसी की कोई भी ट्रॉफी नहीं जीत पाया है। हाल ही में वर्ल्ट टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथो 209 रन से हार का सामना करना पड़ा था। उसके बाद रोहित की कप्तानी को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। रोहित शर्मा 36 साल के हो गए हैं, लेकिन टीम इंडिया में फिलहाल कोई भी नहीं है जो तीनों फॉर्मेट में उन्हें रिप्लेस कर सकें।
