देवदत्त पडिक्कल का शानदार फॉर्म कोलंबो में भी जारी रहा। रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया की ओर से एक-बार फिर नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने आए पडिक्कल ने शतकीय पारी खेली। पडिक्कल ने 168 गेंद में 10 चौके की मदद से अपने टेस्ट करियर का दूसरा शतक जड़ा। उन्होंने श्रीलंकाई खिलाड़ियों द्वारा दिए गए दो जीवनदान का भरपूर फायदा उठाया। पडिक्कल को पहला जीवनदान बिना खाता खोले और दूसरा जीवनदान एक रन के निजी स्कोर पर मिला था। चौथे टेस्ट में पडिक्कल ने अपना दूसरा शतक जड़ दिया है। उन्हें साई सुदर्शन की जगह प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका मिला था।
देवदत्त पडिक्कल (साभार-X)
7 साल बाद नंबर-3 बल्लेबाज का धमाल
भारत की ओर से नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए 7 साल बाद किसी खिलाड़ी ने बैक टू बैक टेस्ट शतक जड़ा। इससे पहले बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2018-19 के दौरान चेतेश्वर पुजारा ने बैक टू बैक शतक जड़ा था। पुजारा ने एमसीजी टेस्ट की पहली पारी में 106 और सिडनी टेस्ट की पहली पारी में 193 रन की पारी खेली थी। पडिक्कल ने गॉल टेस्ट की पहली पारी में 167 और कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में 117 रन की पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 12 चौके लगाए।
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शुभमन गिल के साथ शतकीय साझेदारी
देवदत्त पडिक्कल ने कप्तान शुभमन गिल के साथ तीसरे विकेट के लिए 120 रन की साझेदारी की। भारतीय टीम 66 रन के स्कोर पर 2 विकेट गंवा चुकी थी, जब गिल ने पडिक्कल के साथ शतकीय साझेदारी कर टीम इंडिया को मुश्किल से उबार लिया। गिल 108 गेंद पर 50 रन की पारी खेलकर आउट हुए। पहले दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 5 विकेटके नुकसान पर 300 रन बनाए। डेब्यूटेंट सारांश जैन 4 जबकि ध्रुव जुरेल 7 रन बनाकर नाबाद हैं।
