Bangladesh Premier League: भारत में आईपीएल और ऑस्ट्रेलिया में बिग बैश की अपार सफलता को देखते हुए बाकी क्रिकेट बोर्ड भी टी20 लीग को कैश कर लेना चाहता है। इसी उद्देश्य से बांग्लादेश में बांग्लादेश प्रीमियर लीग (Bangladesh Premier League) की शुरुआत हुई थी, लेकिन यह लीग क्रिकेट की वजह से कम और अन्य कारणों से ज्यादा सुर्खियों में रहती है।
बांग्लादेश प्रीमियर लीग (साभार-X)
इस बार बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) जिस कारण से सुर्खियां बटोर रहा है उसने इस क्रिकेट लीग के साख पर सवाल खड़ा कर दिया है या यूं कहें कि बट्टा लगा दिया है। दरअसल BPL फ्रेंचाइजी कैंप में एक नई घटना सामने आई है। इस बार, इसमें शामिल फ्रेंचाइजी दरबार राजशाही है, जो इस सीजन में अपने फ्रेंचाइजी खिलाड़ियों की फीस का भुगतान न करने के कारण चर्चा में है।
सहयोगी स्टाफ को भी नहीं मिला पैसा
इससे जुड़े नए विवाद के अनुसार खिलाड़ियों के साथ-साथ सहयोगी स्टाफ के फीस में भी गड़बड़ी करने का मामला सामने आया है। क्रिकबज के एक रिपोर्ट के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब दरबार राजशाही के विदेशी खिलाड़ियों मोहम्मद हारिस (पाकिस्तान), आफताब आलम (अफगानिस्तान), मार्क डेयाल (वेस्टइंडीज), रियान बर्ल (जिम्बाब्वे) और मिगुएल कमिंस (वेस्टइंडीज) ने फ्रैंचाइजी मालिकों से पैसे न मिलने के कारण टूर्नामेंट का बहिष्कार करने का बड़ा कदम उठाया। इन खिलाड़ियों को अभी तक उनका वेतन नहीं मिला है, जबकि कुछ खिलाड़ियों को इस सीजन के लिए कुल भुगतान का केवल 25% ही मिला है।
बीपीएल में बेशर्मी की इंतहा
खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ तक तो ठीक था, लेकिन BPL में बेशर्मी की इंतहा हो गई। ताजा घटनाक्रम के अनुसार, इस पूरे मुद्दे पर एक नया मोड़ सामने आया है। टीम के बस चालक मोहम्मद बाबुल ने खिलाड़ियों के किट बैग को बस में ही बंद कर दिया और तब तक उन्हें वापस नहीं करने का फैसला किया जब तक कि वे उसका भुगतान नहीं कर देते।
क्या बोले बस ड्राइवर बाबुल?
पत्रकारों से बात करते हुए बाबुल ने कहा 'यह शर्मनाक है कि हमें अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। मैंने बहुत समय तक अपनी चुप्पी बनाए रखी है। अब, मैं बोल रहा हूँ - अगर वे हमारा भुगतान कर देते हैं, तो हम किट वापस कर देंगे।" हालांकि, अभी तक इस घटना को लेकर फ्रेंचाइजी के मालिक की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन अगले कदम का इंतजार है। बीपीएल 2024-25 में दरबार राजशाही के प्रदर्शन की बात करें तो वे प्लेऑफ में जगह बनाने में असफल रहे।
