हरमन ब्रिगेड के दूसरे आईसीसी ट्रॉफी की कवायद में बाधा है ये दो चीजें

14 जून को पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय महिला टीम अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत करने जा रही है। इस वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ट्रॉफी जीतने की दावेदारों में से एक है, लेकिन उनके सामने दो बाधाएं हैं, जिसे उन्हें दूर करना होगा।

आठ महीने के अंदर दूसरा आईसीसी खिताब जीतने की कवायद में लगी भारतीय महिला क्रिकेट टीम को 12 जून से इंग्लैंड में शुरू होने वाले टी20 विश्व कप में परचम लहराने के लिए व्यक्तिगत प्रतिभा पर निर्भर रहना पड़ सकता है, क्योंकि उसके सभी विभागों में कुछ न कुछ कमियां हैं। भारतीय महिला टीम ने पिछले साल नवंबर में वनडे विश्व कप जीतकर इतिहास रचा था लेकिन तब भी उसकी टीम को बीच में संघर्ष करना पड़ा था। ऐसे में जेमिमा रोड्रिग्स ने जिम्मेदारी संभाली और भारत को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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हरमनप्रीत कौर (साभार-X)

कुछ समय पहले तक ऐसा लग रहा था कि भारत ने सबसे छोटे प्रारूप में लगभग सभी विभाग में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, लेकिन टी20 विश्व कप से पहले दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड से लगातार दो श्रृंखला हारने से उसकी कमजोरियां उजागर हो गई हैं। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना का प्रदर्शन हाल ही में अच्छा नहीं रहा है। यही नहीं निचले क्रम के बल्लेबाज भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। टीम की प्रमुख पावर हिटर ऋचा घोष 14 जून को पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप के पहले मैच से पहले रन बनाने के लिए जूझ रही हैं।

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