नई दिल्ली: भारतीय टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करने वाले जसप्रीत बुमराह अगले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली श्रृंखला में या तो एकमात्र टेस्ट मैच खेलेंगे या फिर तीन मैचों की वनडे श्रृंखला का हिस्सा होंगे। राष्ट्रीय चयन समिति 19 मई को टीम घोषित करने को लेकर बुमराह के कार्यभार पर विशेष नजर रखे हुए है। छह से 10 जून तक न्यू चंडीगढ़ में खेले जाने वाला एकमात्र टेस्ट मैच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं है। इसके बाद वनडे श्रृंखला के मुकाबले 14 जून (धर्मशाला), 17 जून (लखनऊ) और 20 जून (चेन्नई) में आयोजित होंगे। यह द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि विराट कोहली और रोहित शर्मा फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केवल इसी प्रारूप में खेलते नजर आते हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम (फोटो क्रेडिट AP)
प्रिंस यादव को मिल सकता है वनडे में मौका
इस बीच दिल्ली के युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव का नाम चयन बैठक में गंभीरता से चर्चा का विषय बन सकता है। विजय हजारे ट्रॉफी के पिछले सत्र में उन्होंने आठ मैचों में 17 विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। उन्होंने आईपीएल 2026 में भी 12 मुकाबलों में 16 विकेट लेकर प्रभावित किया है। विराट कोहली को शानदार सीम गेंद पर आउट करना उनके प्रदर्शन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा। हर्षित राणा के जल्द फिट होने की संभावना कम होने के कारण प्रिंस को आजमाने के लिए यह श्रृंखला उपयुक्त मानी जा रही है।
टेस्ट टीम में नहीं होंगे बड़े बदलाव
अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति टेस्ट टीम में किसी बड़े प्रयोग से बचना चाहेगी। श्रीलंका और न्यूजीलैंड के आगामी विदेशी दौरों को ध्यान में रखते हुए पिछले एक वर्ष में लगातार मौका पाने वाले खिलाड़ियों पर ही भरोसा जताया जा सकता है। इन दोनों देशों में परिस्थितियां एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होंगी। बुमराह ने आईपीएल में लगातार क्रिकेट खेला है, लेकिन इस बात की संभावना कम है कि वह अफगानिस्तान के खिलाफ लगभग दो सप्ताह तक चलने वाली टेस्ट और वनडे दोनों श्रृंखलाओं से बाहर रहें। भारतीय टेस्ट टीम की जर्सी पहनने को हमेशा विशेष महत्व देने वाले बुमराह को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में उतारा जाएगा या नहीं, यही सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।
बुमराह के वर्कलोड मैनेजमेंट पर होगा चर्चा
सूत्रों के अनुसार, बुमराह अगर टेस्ट मैच खेलते हैं तो उन्हें वनडे श्रृंखला से आराम दिया जाएगा। वहीं, अगर वे वनडे मुकाबलों में उतरते हैं तो टेस्ट से विश्राम मिल सकता है। टीम संयोजन में कुछ बदलाव की चर्चाएं जरूर हैं, लेकिन संभावना है कि पिछले वर्ष दक्षिण अफ्रीका दौरे पर टीम का हिस्सा रहे देवदत्त पडिक्कल को बल्लेबाजी क्रम में तीसरे नंबर पर साई सुदर्शन की जगह मौका मिल सकता है। इस स्थान के लिए वॉशिंगटन सुंदर और ध्रुव जुरेल भी विकल्प माने जा रहे हैं। सुंदर तमिलनाडु के लिए नंबर तीन पर बल्लेबाजी कर चुके हैं, जबकि जुरेल विशेषज्ञ बल्लेबाज की भूमिका निभा सकते हैं।
आकिब नबी की हो सकती है टेस्ट टीम में एंट्री
टेस्ट मैच के लिए अगर बुमराह उपलब्ध नहीं रहते हैं, तो नई गेंद की जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा के कंधों पर रहने की संभावना है। आकाश दीप और हर्षित राणा दोनों चोटिल हैं, ऐसे में जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को तीसरे तेज गेंदबाज के तौर पर मौका मिल सकता है। रणजी ट्रॉफी के पिछले सत्र में उन्होंने 60 विकेट झटके थे। हालांकि, उनकी प्रतिस्पर्धा तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी से रहेगी। बुमराह अगर टीम में शामिल होते हैं, तो नबी को इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि भारतीय परिस्थितियों में आमतौर पर तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों से अधिक को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिलती और यहां स्पिनरों की भूमिका अहम रहती है।
अक्षर पटेल के सिर पर लटक रही है तलवार
स्पिन विभाग में रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर लगभग तय माने जा रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चुनी गई पिछली टीम की तुलना में अक्षर पटेल की जगह पर जरूर सवाल उठ सकते हैं। हर्ष दुबे को श्रीलंका ए की त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए चुना गया है, लेकिन फिलहाल उन्हें टेस्ट टीम की दौड़ में नहीं माना जा रहा। दूसरी ओर, मानव सुथार अक्षर पटेल को कड़ी चुनौती दे सकते हैं। अनुभव के आधार पर बाजी अक्षर के पक्ष में जा सकती है।
(भाषा)
