BCCI Workload Management rule: भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज अब समाप्त हो चुकी है। इस सीरीज को टीम इंडिया के जज्बे और युवा खिलाड़ियों के जोश के लिए याद रखा जाएगा जिसके चलते भारत ने सीरीज में 2-2 की बराबरी की और इंग्लैंड के बैजबॉल को क़ड़ी टक्कर दी। इस सीरीज में जहां सिराज भारत के सबसे सफल गेंदबाज बनकर उभरे वहीं उनके आदर्श जसप्रीत बुमराह ने केवल 3 ही मैच खेले और इसे लेकर फैंस भी काफी नाराज दिखे। बुमराह के वर्कलोड मैनेजमेंट और अपने हिसाब से मैच खेलने के फैसले से रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई भी काफी नाराज दिखाई दे रहा है और इस पर जल्द ही अब कड़ा एक्शन लिया जा सकता है।
जसप्रीत बुमराह पर उठे थे सवाल (फोटो- AP)
बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि 'इस पर बात हुई है और केंद्रीय अनुबंध प्राप्त खिलाड़ियों को बता दिया गया है , खास तौर पर उनको जो सभी प्रारूपों में नियमित खेलते हैं कि भविष्य में अपनी मर्जी से मैच चुनने का कल्चर नहीं चलेगा ।’ उन्होंने आगे कहा कि 'इसके यह मायने नहीं हैं कि कार्यभार प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया जायेगा । तेज गेंदबाजों का कार्यभार प्रबंधन जरूरी है लेकिन इसकी आड़ में खिलाड़ी अहम मैचों से बाहर नहीं रह सकते ।' उनका इशारा साफ तौर पर बुमराह पर होता नजर आ रहा है जिन्होंने आखिरी टेस्ट मैच जो कि भारत के लिए जरूरी था वो भी वर्कलोड के चलते मिस कर दिया था।
सिराज और स्टोक्स ने पेश की मिसाल
इंग्लैंड के खिलाफ मोहम्मद सिराज ने पांच टेस्ट में 185 . 3 ओवर डाले जिसके अलावा नेट्स पर गेंदबाजी और फील्डिंग अलग । उन्होंने फिटनेस के नये मानदंड कायम किये । सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और आकाश दीप के प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि बड़े से बड़े सितारे भी खेल से बढकर नहीं हैं ।इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने भी कई दिक्कतों के बावजूद चौथे टेस्ट तक काफी लंबे स्पैल डाले । इससे यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या कार्यभार प्रबंधन को अपनी सहूलियत के हिसाब से ढाल बनाया जाता है ।
गावस्कर ने भी उठाए सवाल
भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भी वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने ‘इंडिया टुडे’ से कहा है कि 'जब आप देश के लिये खेल रहे हैं तो दर्द भूल जाइये । क्या आपको लगता है कि सीमा पर जवान ठंड की शिकायत करेंगे । ऋषभ पंत ने आपको क्या दिखाया । वह फ्रेक्चर के बावजूद बल्लेबाजी के लिये आया । खिलाड़ियों से इसी की अपेक्षा की जाती है । भारत के लिये खेलना गर्व की बात है ।'
उन्होंने आगे कहा कि 'आप 140 करोड़ लोगों के प्रतिनिधि हैं और यही हमने मोहम्मद सिराज में देखा । सिराज ने कार्यभार की तमाम बातों को धता बताते हुए दिलेरी से गेंदबाजी की । लगातार पांच टेस्ट में सात आठ स्पैल डाले क्योंकि देश को इसकी अपेक्षा थी । उम्मीद है कि यह कार्यभार शब्द भारतीय क्रिकेट के शब्दकोष से गायब हो जायेगा ।'यह भी कहा जा सकता है कि जसप्रीत बुमराह का पांचों टेस्ट में नहीं खेलने का फैसला बीसीसीआई को रास नहीं आया है । इससे बेंगलुरू के उत्कृष्टता केंद्र में काम कर रही खेल विज्ञान टीम पर भी ऊंगली उठी है ।
(भाषा इनपुट्स के साथ)
