विशाखापट्टनम: भारत और ऑस्ट्रेलिया (IND vs AUS) के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज में श्रेयस अय्यर के चोटिल होने की वजह से टी20 फॉर्मेट के सुपरस्टार सूर्यकुमार यादव( Suryakumar Yadav) को मुंबई और विशाखापट्टनम दोनों में प्लेइंग-11 में मौका मिला। सूर्यकुमार इन दोनों ही मौकों को भुना पाने में बुरी तरह नाकाम रहे। ऑस्ट्रेलिया के बांए हाथ के धाकड़ तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने उन्हें लगातार दूसरे मैच में पहली ही गेंद एक जैसे अंदाज में एलबीडब्लू करके पवेलियन वापस भेज दिया। सूर्यकुमार को दोनों ही मुकाबलों में पहली गेंद पर खाता खोले बगैर पवेलियन वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
सूर्यकुमार यादव के विकेट का जश्न मनाते मिचेल स्टार्क
वनडे में सूर्या क्यों हो रहे हैं नाकाम
सूर्यकुमार यादव अजीत आगरकर के बाद लगातार दो वनडे मैचों में गोल्डन डक बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। ऐसे में संयोगवश विशाखापट्टनम वनडे से पहले अजीत आगरकर ने ही वनडे फॉर्मेट में सूर्यकुमार यादव के नाकाम होने की वजह का खुलासा किया। आगरकर ने कहा कि ऐसा उनके मांइडसेट की वजह से हो रहा है। वो वनडे में यह डिसाइड नहीं कर पा रहे हैं कि उन्हें कैसे बल्लेबाजी करनी है। इसी वजह से वनडे में अबतक अपनी छाप छोड़ पाने में नाकाम रहे हैं।
#SuryakumarYadav was dismissed for a golden duck for two consecutive innings 😒 Starc Lbw Surya- 0(1) in 1st ODI.… t.co/DjkKN2WND8
— ANI (@ANI) Mar 19, 2023
बेहद खराब रहा है वनडे करियर
सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2021 में श्रीलंका के खिलाफ अपने वनडे करियर का आगाज किया था। अबतक खेले 22 वनडे की 20 पारियों में 3 बार नाबाद रहते हुए सूर्या 25.47 के औसत और 102.36 के स्ट्राइकरेट से 433 रन बना सके हैं जिसमें 2 अर्धशतक शामिल हैं। उनका वनडे में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 64 रन रहा है ये पारी उन्होंने अहमदाबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछले साल फरवरी में खेली थी।
पिछले 10 वनडे में रहे हैं बुरी तरह नाकाम
अहमदाबाद में विंडीज के खिलाफ अर्धशतक जड़ने के बाद सूर्या को 16 वनडे मैच खेलने का मौका मिला जिसमें 14 बार बल्लेबाजी करते हुए वो एक बार भी पचास रन के आंकड़े को पार नहीं कर सके। आखिरी 10 वनडे के आंकड़ों पर नजर डालें तो वो 12.22 के औसत से केवल 110 रन बना सके हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नाबाद 34* रन रहा है। ऐसे में उनका वनडे विश्व में खेलने का सपना धुंधला होता जा रहा है।
