Ajinkya Rahane: टीम इंडिया के भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने 14 साल के शानदार इंटरनेशनल करियर के बाद संन्यास की घोषणा कर दी है। 'जिंक्स' के नाम से मशहूर रहाणे ने ANI से बातचीत में कहा कि इस फैसले को लेकर उनके मन में जरा भी पछतावा नहीं है क्योंकि उन्होंने मैदान पर हमेशा अपना 200% दिया है। रहाणे ने बताया कि यह फैसला लेने से पहले उन्होंने करीब एक महीने तक सोचा। "मैं रोज खुद से पूछता था - कोई रिग्रेट है? कुछ अलग करना था? लेकिन जवाब हमेशा 'ना' में मिला। मैंने खिलाड़ी के तौर पर सब कुछ किया। मुझे अपने करियर पर गर्व है और मैं खुश हूं।"
आजिंक्य रहाणे (फोटो साभार- X/BCCI)
गाबा और मेलबर्न के हीरो
रहाणे टेस्ट क्रिकेट में भारत की दीवार माने जाते थे। उन्होंने 85 टेस्ट में 5077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक शामिल हैं। लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान कप्तान के तौर पर बनी। विराट कोहली के चोटिल होकर लौटने के बाद 2020-21 में रहाणे ने ऑस्ट्रेलिया में टीम की कमान संभाली। एडिलेड में 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद टीम टूटी हुई थी, लेकिन रहाणे के शांत नेतृत्व में भारत ने मेलबर्न में वापसी की और फिर गाबा में ऑस्ट्रेलिया का 32 साल का किला ढहा दिया। रहाणे का टेस्ट कप्तानी रिकॉर्ड बेदाग रहा - 4 जीत, 2 ड्रॉ और 100% जीत प्रतिशत। वनडे में उन्होंने 90 मैचों में 2962 रन और टी20 में 20 मैचों में 375 रन बनाए। कुल मिलाकर 195 इंटरनेशनल मैचों में 8414 रन उनके नाम हैं। IPL में भी वह 8वें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं - 5367 रन। उन्होंने 2023 में CSK के साथ IPL ट्रॉफी भी जीती।
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अब ग्लोबल मेंटर बनने की तैयारी
संन्यास के बाद रहाणे अब दुनिया भर की लीग खेलेंगे। उन्हें यूरोप की पहली ICC मान्यता प्राप्त लीग ETPL के लिए Amsterdam Flames का मारक्यू खिलाड़ी बनाया गया है। टूर्नामेंट 26 अगस्त से 20 सितंबर 2026 तक चलेगा। रहाणे ने कहा, "मैं अपना अनुभव एक जगह तक सीमित नहीं रखना चाहता। दुनिया भर में खेलते हुए ज्ञान बांटना चाहता हूं।" उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में वह एक अच्छे मेंटर और कोच बन सकते हैं क्योंकि उन्होंने हर परिस्थिति झेली है और खिलाड़ियों की मानसिकता समझते हैं।
