डेब्यू टेस्ट में खूब महंगे साबित हुए अफगानिस्तान के स्पिनर, कोच पाइबस ने बताया सीखने का बड़ा मौका

अफगानिस्तान के दो स्पिनर नंगेलिया खरोटे और अब्दुल मलिक का डेब्यू बेहद मुश्किल रहा। दोनों ने मिलकर 25 ओवर में 131 रन लुटाए और एक भी विकेट नहीं ले पाए। मैच के बाद हेड कोच रिचर्ड पाइबस ने अपने गेंदबाजों का बचाव करते हुए इसे सीखने का बड़ा मौका बताया।

अफगानिस्तान के लिए भारत के खिलाफ मुल्लांपुर में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट का पहला दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। टीम इंडिया ने 368/3 का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। इस दौरान अफगानिस्तान के दो स्पिनर नंगेलिया खरोटे और अब्दुल मलिक का डेब्यू बेहद मुश्किल रहा। दोनों ने मिलकर 25 ओवर में 131 रन लुटाए और एक भी विकेट नहीं ले पाए। मैच के बाद हेड कोच रिचर्ड पाइबस ने अपने गेंदबाजों का बचाव करते हुए इसे सीखने का बड़ा मौका बताया।

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अफगानिस्तान क्रिकेट टीम (@ACBofficials)

अपने स्पिनरों को लेकर क्या बोले कोच

पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद रिचर्ड पाइबस ने कहा, “जब आप भारत में उसके खिलाफ डेब्यू करते हैं तो यह सीखने की जगह होती है। अफगानिस्तान के प्रथम श्रेणी क्रिकेट से निकलकर सीधे दुनिया के सबसे अच्छे खिलाड़ियों के खिलाफ गेंदबाजी करना अनुभव के लिहाज से बहुत अहम है।” पाइबस ने माना कि भारतीय बल्लेबाजों ने दोनों युवा स्पिनरों पर जमकर दबाव बनाया। बाएं हाथ के स्पिनर नंगेलिया खरोटे ने 19 ओवर फेंके और 5 से ज्यादा की इकोनॉमी से रन दिए। हालांकि कोच को लगा कि दिन बढ़ने के साथ खरोटे बेहतर होते गए। पाइबस बोले, “आज उन्हें पता चला कि उन्हें किस तरह के नियंत्रण और निरंतरता की जरूरत है। उन पर बहुत दबाव था। दिन में बाद में वापसी करना और बेहतर गेंदबाजी करना उनके मजबूत जज्बे को दिखाता है, क्योंकि कुछ युवा खिलाड़ी होते तो वापसी करने में बहुत संघर्ष करते।”

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