ब्राजील में अंडर-20 के एक मैच में 60 मिनट पूरे होने से पहले ही रिकॉर्ड 51 रेड कार्ड दिखाए गए, जिसके कारण मैच को बीच में ही रोकना पड़ा। यह घटना मिनास गेरैस के एस्टाडियो पार्के डो सबिया में हुई, जहां अंडर-20 कैम्पियोनाटो मिनेइरो (सेकंड डिवीजन) का सेमीफाइनल मैच स्थानीय प्रतिद्वंद्वी मामोरे और मेजबान उबेरलैंडिया के बीच खेला जा रहा था।
ब्राजील के एक फुटबॉल मैच में मचा हंगामा, 51 रेड कार्ड देने का विश्व रिकॉर्ड बना (X/AP)
मैच के दूसरे हाफ के 54वें मिनट में मामोरे के गोल करने और 3-1 की बढ़त लेने के बाद, मैदान पर तनाव बढ़ गया। खेलों में खिलाड़ियों के बीच बहस होना आम बात है, लेकिन ब्राजील में जो हुआ, वह फुटबॉल की दुनिया में पहले कभी नहीं देखा गया था। एक छोटी सी बहस से शुरू हुआ यह विवाद इतना बढ़ गया कि इसे सुलझाने में 40 मिनट से ज्यादा का समय लग गया।
मैदान पर गरमा गया माहौल
रेफरी की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, मामोरे के तीसरे गोल के तुरंत बाद, स्ट्राइकर डेवी विपक्षी टीम की बेंच की ओर दौड़ा और उबेरलैंडिया के स्टाफ तथा रिजर्व खिलाड़ियों को उकसाने लगा, जिससे मैदान पर अफरा-तफरी मच गई। विवाद तब और बढ़ गया जब उबेरलैंडिया के गोलकीपिंग कोच पाउलो सर्जियो डायस डॉस सैंटोस, इस भड़काऊ जश्न से नाराज होकर मैदान में आ गए और डेवी का सामना करने लगे।
रेफरी और अन्य अधिकारी स्थिति को सुलझा नहीं सके, क्योंकि मामला इतना बढ़ गया था कि बोर्ड के सदस्य, तकनीकी कर्मचारी और सब्स्टिट्यूट खिलाड़ी भी मैदान में आ गए थे।
स्थानीय मिलिट्री पुलिस बुलानी पड़ी
रेफरी फर्नांडो पैट्रिक ड्रोसघिक मोडेस्टो ने अपनी मैच रिपोर्ट में बताया कि हाथापाई में छह 'बॉल बॉय' शामिल थे। जांच में यह बात सामने आई है कि इन बॉल बॉय ने कुर्सियों, स्ट्रेचर और अन्य चीजों से 'मामोर' (Mamore) टीम के कर्मचारियों पर हमला किया। स्थिति को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए, स्थानीय मिलिट्री पुलिस को मौके पर भेजा गया।
इसके अलावा, यह भी दावा किया गया है कि जब उबेरलैंडिया के अधिकारियों ने 'मामोर' टीम के उपकरणों को नुकसान पहुंचाया, तो बदले में 'मामोर' टीम के सदस्यों ने होम टीम के ड्रेसिंग एरिया में तोड़फोड़ की।
बड़ी हाथापाई से पहले ही तीन खिलाड़ियों को बाहर (रेड कार्ड देकर) भेजा जा चुका था। रेफरी की रिपोर्ट के अनुसार, मैदान पर हुई हिंसा में शामिल होने के कारण 48 और खिलाड़ियों, अधिकारियों और अन्य लोगों को रेड कार्ड मिले।
बन गया रेड कार्ड का नया विश्व रिकॉर्ड
रेफरी की रिपोर्ट के मुताबिक, 43 खिलाड़ियों, 8 सपोर्ट स्टाफ और 2 बोर्ड सदस्यों को रेड कार्ड दिए गए। इस घटना ने एक ही फुटबॉल मैच में सबसे ज़्यादा खिलाड़ियों को बाहर भेजने (रेड कार्ड देने) के पिछले गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। इससे पहले का रिकॉर्ड 2011 में अर्जेंटीना में क्लेपोल और विक्टोरियानो एरेनास के बीच पांचवें स्तर के एक मैच के दौरान बना था, जिसमें 36 रेड कार्ड दिए गए थे।
