Saina Nehwal on PV Sindhu: भारत की बैडमिंटन क्वीन साइना नेहवाल ने पीवी सिंधू की जमकर तारीफ की है। सिंधू ने रविवार को जापान ओपन सुपर 750 का खिताब जीतकर सबको चौंका दिया। इसके बाद साइना ने कहा कि सिंधू के आक्रामक खेल में आया बदलाव बताता है कि वो अब भी कई बड़े खिताब जीत सकती हैं।बता दें कि भारत 17 से 23 अगस्त तक 17 साल बाद बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा। साइना को उम्मीद है कि घरेलू दर्शकों के सामने सिंधू और लक्ष्य सेन मेडल जीत सकते हैं। उन्होंने कहा, "सिंधू शानदार लय में हैं। लक्ष्य भी अच्छा खेल रहा है। हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो घर में खिताब जीत सकते हैं।"
साइना नेहवाल और पीवी सिंधू (फोटो साभार- AI)
'चैंपियन को कभी कम मत आंको'
साइना ने कहा, "पिछले 2-3 साल सिंधू के लिए बहुत मुश्किल रहे। चोटों से जूझती रहीं। लेकिन जिस तरह उन्होंने वापसी की है वो कमाल है। जापान ओपन में उन्होंने 3-4 टॉप खिलाड़ियों को हराया। उनका अटैक अब पहले से काफी बेहतर है।"दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट सिंधू ने तोक्यो में फाइनल में जापान की अकाने यामागुची को सीधे गेम में हराया। ये 2019 वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद उनका सबसे बड़ा खिताब है। साइना बोलीं, "उम्र और चोट के साथ टॉप लेवल पर टिके रहना आसान नहीं। मेंटल प्रेशर बहुत होता है। इस जीत से सिंधू का कॉन्फिडेंस लौटा है। चैंपियन को कभी कम नहीं आंकना चाहिए। वो हमेशा वापसी करती है।"
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युवा खिलाड़ियों को नसीहत
लंदन ओलंपिक 2012 की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट साइना ने कहा कि नए खिलाड़ियों को निरंतरता पर काम करना होगा। "कई युवा अच्छा खेल रहे हैं, लेकिन बड़े टूर्नामेंट लगातार जीतने होंगे। बैडमिंटन में निरंतरता सबसे जरूरी है। तभी ये देश का दूसरा सबसे लोकप्रिय खेल बना है।"
कोचिंग और वापसी पर क्या बोलीं?
कोचिंग पर साइना ने कहा कि वो अभी जल्दबाजी में फैसला नहीं लेंगी। "गोपी सर भी नई पीढ़ी के साथ चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। कोचिंग सिर्फ तकनीक सिखाना नहीं है। खेलना आसान है, कोच बनकर खिलाड़ियों का दबाव संभालना मुश्किल है।"कॉम्पिटिटिव बैडमिंटन में वापसी पर साइना ने साफ कहा, "एक बार आर्थराइटिस हो जाए तो वापसी बहुत मुश्किल है। अगले साल स्कोरिंग सिस्टम बदलेगा, लेकिन मेरी वापसी संभव नहीं दिखती।"साइना ने 23 जुलाई से ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स से बैडमिंटन, हॉकी और शूटिंग को हटाने पर भी निराशा जताई।
