Mahashivratri 2023: सही समय और आयु में विवाह किसी के लिए परम सौभाग्य है। शनिदेव के नकारात्मक प्रभाव के कारण विवाह में विलंब और रुकावट आती हैं। शिव की अराधना से विवाह में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं। धार्मिक मान्यता है कि शिव की अराधना से विवाहितों को सौभाग्य और सुख की प्राप्ति होती है और अविवाहितों के शीघ्र विवाह के योग बनते हैं। विशेष रूप से महाशिवरात्रि के दिन महादेव और पार्वती पूजन से विवाह में आ रही रुकावटें दूर हो जाती हैं। शास्त्रों में वर्णन के अनुसार फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष के चतुर्दशी को शिव और पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। महाशिवरात्रि के दिन विधि विधान से महादेव और माता पार्वती की पूजा विवाह में आ रही रुकावटें दूर हो जाती हैं। आइए जानते हैं-
धारण करें श्वेत वस्त्र
सोमवार का दिन महादेव को समर्पित है। इस दिन महादेव को प्रिय श्वेत वस्त्र धारण कर शिव की पूजा करनी चाहिए। महाशिवरात्रि के दिन स्वच्छ और श्वेत वस्त्र धारण करें। सबसे पहले आचमन कर व्रत का संकल्प करें और फिर विधि विधान से पूजा करें।
करें मंत्र का जाप
महादेव को प्रसन्न करने के लिए जल में गंगाजल, बेलपत्र, सफेद फूल और काले तिल को डालकर शिवलिंग को अर्घ्य दें। इसके बाद कच्चे दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें। इसके पश्चात जल में शहद व सुगंध का मिलाकर अर्घ्य दें। इस दौरान लड़कियां इस मंत्र का जाप करें-
ओम सृष्टिकर्ता मम विवाह कुरु कुरु स्वाहा
और लड़के इस मंत्र का जाप करें-
ओम सृष्टिकर्ता मम विवाह कुरु कुरु स्वाहा
पत्नी महोरमा देहि मनोवृताहुसारिणीम
तारिणी दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम
इसके बाद विधिविधान से महादेव और माता पार्वती की पूजा, आरती अर्चना कर महावेव के समक्ष शीघ्र विवाह की कामना करें।
ये उपाय भी करें
- घर में स्फटिक के शिवलिंग की स्थापना करें व नियमित पूजन करें।
- सावन माह के प्रथम दिवस को घर में पूजा स्थल पर शिव व पार्वती को स्थापित करें।
