शनिदेव के सामने कभी न जोड़ें हाथ, फायदे की जगह होता है भारी नुकसान, जानिए क्या है कारण?

Shanidev Puja Rules: शनिदेव न्याय के देवता हैं। वे व्यक्ति को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। जब शनि की महादशा, साढ़ेसाती या ढैय्या चलती है तब लोग अक्सर शनिदेव की पूजा शुरू कर देते हैं। इसके साथ ही उनके मंदिर में जाते हैं और पूजन करते हैं। इस दौरान वे उनको हाथ जोड़कर प्रणाम करते हैं और उनके सामने खड़े होकर उनकी आराधना करते हैं, लेकिन शास्त्रों में इस वर्जित माना गया है। शनिदेव को हाथ जोड़कर प्रणाम नहीं करना चाहिए। वहीं, न ही उनके सामने खड़ा होना चाहिए। दरअसल इसके पीछे एक खास कारण बताया गया है। आइए जानते हैं कि वो इसके पीछे क्या कारण है।

Shanidev Puja Rules: शनिदेव न्याय के देवता हैं। वे कर्मों का फल देने में जरा भी पक्षपात नहीं करते हैं। न्यायधीश होने के कारण शनिदेव अपनी साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा में व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार ही अच्छे और खराब फल देते हैं। हालांकि इस दौरान जिनको परेशानी होती है, वे शनिदेव के पूजन के लिए उनके मंदिर में जाते हैं और प्रभु को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं। इस दौरान वे अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिनसे उनको शुभ फल की जगह अशुभ फल मिल जाता है। इस कारण शनिदेव की पूजा में काफी सावधानी बरतनी आवश्यक है।

शनिदेव की पूजा में क्या न करें

शनिदेव के सामने न जोड़ें हाथ

शनिदेव को हाथ जोड़कर न करें प्रणाम

शनिदेव न्यायाधीश हैं, इस कारण उनको कभी भी हाथ जोड़कर प्रणाम नहीं करना चाहिए। उनको उसी प्रकार प्रणाम करें, जैसे अदालत में आप जज को करते हैं। इसके लिए आप अपने दोनों हाथ कमर के पीछे ले जाएं और सिर को झुकाकर प्रणाम करें। प्रणाम करते समय इस बात का ध्यान रखें कि आप शनिदेव की मूर्ति के या दाएं या बाएं तरफ खड़े हों, मूर्ति के सामने न खड़े हों। अगर आप हाथ जोड़कर प्रणाम करेंगे तो इसका नेगेटिव इंपैक्ट आपके ऊपर पड़ेगा। इस कारण ऐसा न करें।

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