Vinayak Chaturthi Katha: इस कथा के बिना अधूरा है विनायक चतुर्थी का व्रत, यहां पढ़ें विनायक चतुर्थी की संपूर्ण कथा हिंदी में

Vinayak Chaturthi 2025 Katha (विनायक चतुर्थी कथा): विनायक चतुर्थी हर महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। इस खास दिन पर गणपति की पूजा के साथ पाठ भी किया जाता है। यहां से आप विनायक चतुर्थी की कथा पढ़ सकते हैं।

Vinayak Chaturthi 2025 Katha: सनातन धर्म में विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व है। ये पावन पर्व हर माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए विनायक चतुर्थी के व्रत की काफी महिमा बताई जाती है। कहते हैं जो व्यक्ति सच्चे मन से ये व्रत रखता है उसकी सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। साथ ही उसके जीवन में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती। विनायक चतुर्थी के दिन गणपति की पूजा के साथ कथा भी की जाती है। यहां से आप कथा पढ़ सकते हैं।

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विनायक चतुर्थी व्रत कथा (Vinayak Chaturthi Vrat Katha In Hindi)

विनायक चतुर्थी व्रत की पौराणिक कथा के अनुसार एक बार भगवान शिव और माता पार्वती नर्मदा नदी के किनारे बैठे थे। माता पार्वती ने शिव जी से चौपड़ खेलने के लिए कहा। इस खेल में हार-जीत का फैसला करने के लिए भगवान शिव ने कुछ तिनके एकत्रित कर उसका एक पुतला बनाकर उसकी प्राण-प्रतिष्ठा कर दी। भगवान शिव ने उस पुतले से कहा कि 'बेटा, हम चौपड़ खेलना चाहते हैं, इसीलिए तुम बताना कि हम दोनों में से कौन हारा और कौन जीता?'

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