Vat Savitri Aarti Lyrics in Hindi: वट सावित्री व्रत में करें यह पावन आरती, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद

वट सावित्री व्रत पर महिलाएं सावित्री-सत्यवान और वट वृक्ष की पूजा करती हैं। मान्यता है कि आरती के बिना यह पूजा अधूरी रहती है। यहां पढ़ें वट सावित्री व्रत की पावन आरती के पूरे लिरिक्स।

Vat Savitri Aarti Lyrics in Hindi: आज सुहागिन महिलाएं श्रद्धा और आस्था के साथ वट सावित्री व्रत मना रही हैं। यह व्रत पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए रखा जाता है। इस दिन महिलाएं वट यानी बरगद के पेड़ के नीचे सावित्री-सत्यवान की विधि-विधान से पूजा करती हैं और व्रत कथा सुनती हैं। पूजा के दौरान महिलाएं बरगद के पेड़ पर कच्चा धागा लपेटकर सात फेरे लगाती हैं, जिसे बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वट वृक्ष में त्रिदेवों का वास होता है, इसलिए इसकी पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। वहीं, पूजा के अंत में वट सावित्री व्रत की आरती करना भी बेहद जरूरी माना गया है। कहा जाता है कि आरती (Vat Savitri Vrat Aarti) के बिना पूजा अधूरी रहती है और आरती करने से व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त होता है। आगे पढ़ें वट सावित्री व्रत की आरती के लिरिक्स।

Vat Savitri Vrat Aarti (वट सावित्री व्रत आरती)

अश्वपती पुसता झाला।। नारद सागंताती तयाला।।

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