Vastu Tips For kadai: हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र को घर-दुकान और ऑफिस सभी जगहों के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। घर के रख-रखाव की बात हो या साज-सजावट या फिर पूजा-पाठ, सभी में वास्तु नियमों का पालन करना जरूरी होता है। वास्तु शास्त्र में खासकर दिशा और दशा की बात की गई है। घर पर रखी चीजें यदि वास्तु के अनुसार हो तो इससे सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। वहीं यदि चीजें व्यवस्थित ढंग से हों और वास्तु के प्रतिकूल हो तो इससे कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। बात करें रसोई घर की तो, रसोई हमारे घर का प्रमुख हिस्सा होता है, जिसमें घर के सदस्यों के लिए भोजन बनाया जाता है। वहीं रसोई घर में मां अन्नपूर्णा वास करती हैं। इसलिए यह जरूरी है कि रसोई घर पर रखी हर चीजें वास्तु के अनुसार हो।
तवे को लेकर न करें ये गलतियां, जानें वास्तु नियम
क्या आप जानते हैं कि रसोईघर में रखे बर्तनों का संबंध ग्रहों से होता है। इसी तरह बात करें कढ़ाई की तो इसका संबंध राहु ग्रह से होता है। कढ़ाई को आप सही दिशा और दशा में नहीं रखेंगे तो इससे राहु दोष और राहु का प्रकोप बढ़ सकता है, जिससे जीवन में कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। क्योंकि राहु सबसे पहले व्यक्ति के मूड को प्रभावित करता है।
लोहे की कढ़ाई में पका भोजन सेहत के लिए तो बहुत ही अच्छा माना जाता है। लेकिन यदि आप इसे घर की स्थिति के लिए भी अच्छा रखना चाहते हैं तो राहु से संबंधित कढ़ाई से जुड़े इन वास्तु नियमों का जरूर पालन करना चाहिए।
वास्तु के अनुसार कढ़ाई रखने की दिशा
कढ़ाई रसोईघर का अहम और भारी बर्तन होता है। इसलिए कढ़ाई को दक्षिण और नैऋत्य दिशा में ही रखें। क्योंकि इस दिशा के स्वामी राहु-केतु हैं। कढ़ाई के अलावा रसोई के अन्य भारी बर्तनों को रखने के लिए भी यह दिशा अनुकूल होती है।
कढ़ाई में बने भोजन को हमेशा थाली-प्लेट में निकालकर खाएं। अगर आप सीधे कढ़ाई में खाते हैं, तो इससे शनि ग्रह प्रभावित होते हैं।
कढ़ाही को कभी भी उल्टा नहीं रखना चाहिए। यदि आपके रसोई में पर्याप्त जगह है तो आप कढ़ाई को लटकाकर रखने की कोशिश करें।
यदि आप कढ़ाई को उल्टा रखेगें हैं तो इससे राहु ग्रह का प्रकोप बढ़ता है।
ऐसे करें कढ़ाई का प्रयोग ग्रह होंगे शांत
यदि कुंडली में शनि और राहु ग्रह अशांत हैं और पहले से ही कई मुसीबतें चल रही है तो हमेशा लोहे की कढ़ाही में ही भोजन पकाएं। इससे शनि शांत होते हैं। इसके लिए आप लोहे की कढ़ाई में मूंगफली को तल या भूनकर इसका सेवन करें। इस उपाय से राहु शांत होते हैं। कढ़ाई को हमेशा साफ-सुथरा रखें और इस बात का भी ध्यान रखें कि जली हुई कढ़ाई का प्रयोग न करें। ऐसा करने से राहु और शनि ग्रह से अशुभ फल मिलते हैं।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
