Vastu Tips For Shoes: लोग अक्सर घर में आते समय जूते-चप्पल को बेतरतीब तरीके से बाहर निकाल देते हैं। लोगों को अपनी यह आदत भले ही सामान्य लगे, लेकिन वास्तु के अनुसार इसका घर-परिवार, स्वास्थ्य और करियर पर बहुत ही गहरा असर पड़ता है। वास्तु के अनुसार जूते-चप्पलों में भी ऊर्जा का वास होता है। गलत दिशा और गलत तरीके से इन्हें रखने पर बहुत ही नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। घर में सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए वास्तु शास्त्र के नियम बहुत ही उपयोगी माने जाते हैं। वास्तु शास्त्र में घर में उपयोग की जाने वाली हर वस्तु की एक निश्चित दिशा बताई गई है। इसी तरह घर पर जूते-चप्पलों को रखने के भी वास्तु में अलग नियम बताए गए हैं। अगर आप भी आने वाले नए साल 2023 को बेहतर और खुशहाल बनाना चाहते हैं तो वास्तु शास्त्र के इन नियमों के अनुसार जूते-चप्पलों की सही दिशा जान लें।
नए साल में अपनाएं घर में जूते-चप्पल रखने का नियम
उत्तर या पूर्व दिशा में न रखें जूता-चप्पल
लोगों को हमेशा जल्दबाजी में अपने जूते-चप्पलों को कहीं भी निकालने या रखने से बचना चाहिए। वास्तु के अनुसार जूते और चप्पलों को भूलकर भी उत्तर या पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए। इससे घर में दरिद्रता और कंगाली आती है। साथ ही घर के सदस्यों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। माना जाता है कि उत्तर या पूर्व दिशा से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। इस दिशा में जूते-चप्पल रखने से यह ऊर्जा घर में नहीं आ पाती और कई परेशानियां शुरू हो जाती हैं।
हमेशा अलमारी में रखें जूते-चप्पल
वास्तु शास्त्र के अनुसार जूते-चप्पल को हमेशा जूतों की अलमारी में ही रखना चाहिए। इस अलमारी की दिशा दक्षिण या पश्चिम में होना चाहिए। जूते-चप्पल रखने के लिए इस दिशा को शुभ माना जाता है। बाहर से घर आने पर भी जूते-चप्पलों को दक्षिण या पश्चिम दिशा में ही उतारना चाहिए।
मुख्य द्वार और बेडरूम में न रखें
वास्तु शास्त्र के अनुसार जूते-चप्पल को कभी भी घर के मुख्य द्वार पर नहीं उतारना चाहिए, इससे मां लक्ष्मी घर में आगमन नहीं करती हैं। इसके अलावा चप्पल-जूतों को रखने का स्टैंड भी बेडरूम में नहीं रखना चाहिए। इससे पति-पत्नी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और उनके रिश्तों में खटास बढ़ जाती है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
