Vaishakh Maas Date, Niyam (वैशाख महीने के नियम): पंचांग के अनुसार हिंदू वर्ष का दूसरा मास वैशाख होता है जो कि अप्रैल मध्य से मई मध्य के बीच चलता है। इस मास का नाम इसमें पड़ने वाले नक्षत्र विशाखा पर दिया गया है। यह महीना विष्णु जी की पूजा के ता लिए खास माना जाता है तो इस महीने में दान और नदी स्नान भी महत्वपूर्ण माने गए हैं। यहां जानें वैशाख मास 2025 की डेट्स और क्या हैं इस महीने के महत्वपूर्ण नियम।
Vaishakh month niyam
Vaishakh Maas 2025 Date
2025 में वैशाख का महीना 13 अप्रैल से शुरू होगा। और ये 12 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा शुभ फल देने वाली रहेगी। भगवान कृष्ण और परशुराम जी की पूजा भी शुभ फलदायी है।
Vaishakh Maas Ke Niyam
हिंदू कैलंडर के दूसरे मास वैशाख को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस मास में कुछ विशेष नियमों का भी पालन करना होता है। जानें इनके बारे में -
- वैशाख मास में ब्रह्ममुहूर्त में गंगा या किसी पवित्र नदी का स्नान करना चाहिए। ये संभव न हो तो पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान किया जा सकता है।
- वैशाख मास में स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य जरूर दें। ऐसा करना शुभ माना जाता है।
- इस महीने में दान का भी महत्व है। खासतौर पर जल से भरा कलश, पंखा, छाता, बेलपत्र, चावल, घी, कपड़े, जूते, तिल, खांड आदि का दान करना चाहिए।
- तुलसी के पौधे की पूजा और इसका दान भी वैशाख के महीने में शुभ माना जाता है।
- वैशाख महीने में विष्णु सहस्त्रनाम, श्रीमद्भागवत, श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करना चाहिए।
- इस महीने में मन, वाणी, कर्म, भोजन पर कंट्रोल रखने की भी मान्यता है।
वैशाख के महीने में जल सेवा करनी चाहिए। प्याऊ लगाना, राहगीरों को जल पिलाना, जल पात्र बांटना - ये सब पुण्य दिलाने वाले कार्य माने गए हैं।
