Vaisakh Amavasya 2025: वैशाख अमावस्या, जिसे वैशाखी अमावस्या भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में खास महत्व रखता है। यह दिन पितृ कार्यों, तर्पण, और दान-पुण्य के लिए विशेष माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल 27 अप्रैल को वैशाख अमावस्या है। इस खास दिन पर सुबह 4:10 से लेकर 4:52 मिनट तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा। वहीं दोपहर 12:11 से लेकर 1:02 तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। वैशाख अमावस्या के दिन स्नान, दान और पूजन किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन पूरे विधि विधान दान और अनुष्ठान करने से पापों का नाश होता है और पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।
Vaisakh Amavasya 2025: वैशाख अमावस्या पर इन चीजों का करें दान
वैशाख अमावस्या पर क्या करें दान
वैशाख अमावस्या के दिन दान-पुण्य करने की भी मान्यता है। हिंदू धर्म में माना जाता है कि इस दिन किया गया दान पितरों को शांति और समृद्धि देता है। आइए जानते हैं कि इस खास दिन पर किन चीजों का दान करना चाहिए ताकि हमपर पितरों का आशीर्वाद बना रहे:
1. इस दिन अन्न दान करें। वैसे भी यह सबसे बड़ा दान है क्योंकि यह जरूरतमंदों की भूख मिटाता है।मान्यता है कि इस दिन अन्न दान करने से पितरों को तृप्ति और दानकर्ता को समृद्धि मिलती है।
2. गर्मी के मौसम में पड़ने वाले वैशाख अमावस्या पर जल, छतरी या फिर पंखा दान करना भी फलदायी होता है। जल दान विशेष रूप से पुण्यदायी माना जाता है।
3. इस दिन सफेद या हल्के रंग के नए कपड़े, जैसे धोती, साड़ी या कुर्ता दान करें। यह दानकर्ता को सम्मान और सौभाग्य प्रदान करता है।
4. इस खास दिन पर आप काले तिल, तिल का तेल, या तिल से बनी वस्तुएं भी दान कर सकते हैं। दरअसल तिल दान पितृ तर्पण और श्राद्ध में बेहद अहम होता है। तिल दान से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और पितरों को शांति मिलती है।
5. इस दिन आप गाय, गाय का चारा या गौशाला में दान भी कर सकते हैं। मान्यता है कि गौ दान या गौ सेवा से पितरों को मोक्ष और दानकर्ता को पुण्य प्राप्त होता है।
दान करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
वैशाख अमावस्या पर दान सुबह या दोपहर में करना उत्तम है लेकिन दान करते समय कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना होगा। सबसे पहले तो यह सुनिश्चित करें कि दान सामग्री नई, साफ और उपयोगी हो। पुरानी या खराब वस्तुएं दान न करें। दान करने से पहले संकल्प लें कि यह पितरों की शांति और पुण्य के लिए है। दान ब्राह्मणों, गरीबों या मंदिरों को देना शुभ माना जाता है। दान श्रद्धा और निस्वार्थ भाव से करें।
