गुरुवार को केले के पत्ते की पूजा क्यों है खास? जानिए इसका धार्मिक महत्व और लाभ

Importance of Banana Leaf Puja on Thursday : मार्गशीर्ष माह की नवमी तिथि गुरुवार को आडल योग का संयोग बन रहा है। इस दिन सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा सिंह में रहेंगे। 13 नवंबर को बन रहा ये संयोग बेहद खास है। आइए जानते हैं गुरुवार के दिन केले के पत्ते की पूजा का खास विधान क्यों हैं?

Importance of Banana Leaf Puja on Thursday : द्रिक पंचांग के अनुसार, गुरुवार को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा और राहुकाल का समय दोपहर 1 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर 2 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इस तिथि को कोई विशेष पर्व नहीं है, लेकिन वार के हिसाब से आप गुरुवार को व्रत रख सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आडल योग एक अशुभ योग माना जाता है, जिसमें शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। ऐसे में बचने के लिए धर्मशास्त्रों में सूर्य पुत्र के पूजा की विधि बताई गई है, जिसके करने से उनकी कृपा बनी रहती है और दुष्प्रभाव भी खत्म होते हैं।

Thursday fasting rules

गुरुवार का व्रत

गुरुवार व्रत का उल्लेख अग्नि पुराण में मिलता है, जिसमें बताया गया है कि इस दिन श्री हरि ने काशी में शिवलिंग की स्थापना की थी, जिससे इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने का महत्व थोड़ा ज्यादा बढ़ जाता है। धर्म ग्रंथों में बताया गया है कि गुरुवार के दिन व्रत रखने से धन, समृद्धि, संतान और सुख-शांति की प्राप्ति होती है।

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