Surya Grahan Kab Hai: आकाश में होने वाली कुछ घटनाएं इतिहास बन जाती हैं और अगस्त में होने वाला सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) भी ऐसी ही एक दुर्लभ खगोलीय घटना बनने जा रहा है। वैज्ञानिक इसे 'सदी का सबसे लंबा और सबसे खास पूर्ण सूर्य ग्रहण' बता रहे हैं। इस दिन कुछ देशों में दिन के उजाले के बीच अचानक अंधेरा छा जाएगा और दुनिया लगभग 6 मिनट तक एक अनोखे अनुभव की गवाह बनेगी।
सदी का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण कब लगेगा
सदी का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण कब लगेगा
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार 2 अगस्त 2027 को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण खास इसलिए है क्योंकि इसकी पूर्ण अवस्था (Totality) लगभग 6 मिनट 23 सेकंड तक रहेगी, जो पिछले कई दशकों में जमीन से दिखाई देने वाले सबसे लंबे सूर्य ग्रहणों में शामिल है।
इतनी लंबी अवधि का सूर्य ग्रहण बहुत कम देखने को मिलता है। आमतौर पर पूर्ण सूर्य ग्रहण 2-3 मिनट तक ही रहता है, लेकिन इस बार चंद्रमा सूर्य को असाधारण रूप से लंबे समय तक ढक लेगा।
6 मिनट के लिए क्यों छा जाएगा अंधेरा
जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं और चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है, तब पूर्ण सूर्य ग्रहण होता है। 2027 का ग्रहण इसलिए खास है क्योंकि उस समय चंद्रमा पृथ्वी के अपेक्षाकृत करीब होगा, पृथ्वी सूर्य से थोड़ी दूर स्थिति में होगी और ग्रहण की छाया भूमध्य रेखा के पास लंबा रास्ता तय करेगी।
इन कारणों से चंद्रमा आकाश में बड़ा दिखाई देगा और सूर्य पूरी तरह ढक जाएगा, जिससे कुछ क्षेत्रों में दिन जैसा उजाला अचानक रात में बदल जाएगा।
किन देशों में दिखेगा पूरा सूर्य ग्रहण
इस ऐतिहासिक ग्रहण का पूर्ण दृश्य (Path of Totality) मुख्य रूप से इन क्षेत्रों से गुजरेगा:
- स्पेन और जिब्राल्टर
- मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया
- लीबिया और मिस्र
- सऊदी अरब और मध्य-पूर्व के कुछ देश
मिस्र के लक्सर क्षेत्र के आसपास ग्रहण की अवधि सबसे लंबी मानी जा रही है, जहां लगभग 6 मिनट से अधिक अंधेरा रहेगा।
क्या भारत में भी दिखेगा यह ग्रहण
भारत में यह सूर्य ग्रहण पूर्ण रूप से नहीं, बल्कि आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा। दिल्ली समेत कई हिस्सों में सूर्य का एक भाग चंद्रमा से ढका नजर आएगा और अधिकतम ग्रहण शाम के समय देखा जा सकेगा। यानी भारत में पूरी तरह अंधेरा तो नहीं होगा, लेकिन यह खगोलीय घटना फिर भी बेहद खास रहेगी।
क्यों कहा जा रहा है 'सदी का ग्रहण'
वैज्ञानिकों के अनुसार यह ग्रहण 21वीं सदी के सबसे लंबे सूर्य ग्रहणों में से एक है और ऐसी अवधि वाला ग्रहण दोबारा देखने के लिए लोगों को कई दशकों तक इंतजार करना पड़ सकता है। ग्रहण के दौरान तापमान में हल्की गिरावट, पक्षियों का अचानक शांत होना और आसमान में 360 डिग्री सूर्यास्त जैसा दृश्य देखने को मिलता है। यही वजह है कि दुनिया भर के खगोल प्रेमी अभी से इसकी तैयारी कर रहे हैं।
सूर्य ग्रहण कैसे देख सकते हैं
सूर्य ग्रहण को सीधी आंखों से नहीं देख सकते। बिना विशेष सोलर फिल्टर या इक्लिप्स ग्लासेस के सूर्य ग्रहण को न देखें। इस दौरान कैमरा, मोबाइल या दूरबीन से सीधे सूर्य की फोटो न लें। बच्चों को भी सुरक्षित तरीके से ही ग्रहण दिखाएं।
