कर्क में बुध के आते ही बनेगा त्रिग्रही योग, इन 3 राशियों की सोई हुई किस्मत एक झटके में जाग जाएगी

Trigrahi Yog 2026: सूर्य और गुरु ग्रह इस समय कर्क राशि में मौजूद हैं। अब जल्द ही बुध ग्रह का भी कर्क राशि में गोचर होने वाला है, जिससे इन तीन ग्रहों की युति और त्रिग्रही योग बनेगा। चलिए जानें त्रिग्रही योग के महत्व, निर्माण के समय और प्रभाव के बारे में।

Trigrahi Yog 2026: त्रिग्रही योग का वैदिक ज्योतिष शास्त्र में खास महत्व है, जिसका निर्माण तीन ग्रहों के एक साथ किसी राशि में आने से होता है। शुभ और अशुभ दोनों तरह का प्रभाव त्रिग्रही योग का राशियों के जीवन पर पड़ता है। ज्योतिष गणना का आकलन करें तो अगस्त 2026 की शुरुआत में कर्क राशि में त्रिग्रही योग बनने जा रहा है, जिसका शुभ प्रभाव कई राशियों पर पड़ेगा। इस बार सूर्य, गुरु और बुध ग्रह के कर्क राशि में आने से त्रिग्रही योग बनेगा। इन तीनों ग्रहों को ही वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शक्तिशाली माना गया है, जो समय-समय पर अपनी जगह बदलते हैं। आइए अब जानें त्रिग्रही योग के बनने के समय और प्रभाव के बारे में।

त्रिग्रही योग 2026,  त्रिग्रही योग का राशियों पर असर

सूर्य, बुध और गुरु के संयोग से बनेगा त्रिग्रही योग

त्रिग्रही योग कर्क राशि में कब बनेगा?

कर्क राशि में 5 अगस्त 2026, बुधवार को शाम 07:58 बजे ग्रहों के राजकुमार बुध गोचर करेंगे। इस राशि में बुध 22 अगस्त 2026, शनिवार की शाम 07 बजकर 33 मिनट तक रहने वाले हैं। वहीं, 16 जुलाई 2026 से सूर्य कर्क राशि में ही हैं। 17 अगस्त 2026 की सुबह 8 बजकर 3 मिनट तक ग्रहों के राजा सूर्य कर्क राशि में ही रहेंगे। इसके अलावा गुरु यानी देवगुरु बृहस्पति 2 जून से लेकर 31 अक्टूबर 2026 तक कर्क राशि में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएंगे। ऐसे में 5 अगस्त 2026 से लेकर 17 अगस्त 2026 तक कर्क राशि में त्रिग्रही योग बनेगा।

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