Sunrise Today Timing (सूरज निकलने का समय आज का 05 February 2026): आज 5 फरवरी 2026 को गुरुवार है और पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है। आज द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी (Sankashti Chaturthi) का व्रत रखा जा रहा है, जो भगवान गणेश को समर्पित है और विशेष रूप से जीवन की बाधाओं को दूर करने का माना जाता है। इसी के साथ गुरुवार के व्रत की भी मान्यता है। दोनों व्रत सूर्योदय के साथ आरंभ होते हैं। यहां देखें कि आज आपके शहर में सूरज कब निकलेगा, आज सनराइज टाइम क्या है। आज सूरज कितने बजे उगेगा आदि की सिटीवाइज जानकारी। वैसे आज 5 फरवरी 2026 (गुरुवार) का सूर्योदय सुबह लगभग 07:07 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 06:03 बजे के करीब होगा।
आज सूरज कितने बजे निकलेगा 5 February 2026 (Pic: Canva)
आज 05 फरवरी 2026 को सूर्योदय का समय
| शहर | सूर्योदय का समय |
|---|---|
| दिल्ली | 07:12 AM |
| नोएडा | 07:11 AM |
| गुरुग्राम | 07:10 AM |
| गाज़ियाबाद | 07:11 AM |
| फरीदाबाद | 07:10 AM |
| लखनऊ | 06:54 AM |
| कानपुर | 06:58 AM |
| वाराणसी | 06:50 AM |
| आगरा | 07:00 AM |
| जयपुर | 07:15 AM |
| देहरादून | 07:10 AM |
| चंडीगढ़ | 07:05 AM |
| भोपाल | 06:35 AM |
| इंदौर | 06:48 AM |
| पटना | 06:25 AM |
| कोलकाता | 06:17 AM |
| भुवनेश्वर | 06:30 AM |
| रांची | 06:28 AM |
| मुंबई | 07:06 AM |
| पुणे | 07:10 AM |
| अहमदाबाद | 07:21 AM |
| सूरत | 06:55 AM |
| राजकोट | 07:00 AM |
| हैदराबाद | 06:35 AM |
| बेंगलुरु | 06:47 AM |
| चेन्नई | 06:32 AM |
| कोयंबटूर | 06:40 AM |
| तिरुवनंतपुरम | 06:25 AM |
| गुवाहाटी | 06:05 AM |
| शिलांग | 06:10 AM |
आज गुरुवार को सूर्य पूजा का महत्व
गुरुवार को सूर्य पूजा का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि यह दिन ज्ञान, धर्म और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा होता है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव की आराधना करने से जीवन में स्पष्टता आती है और मन के अंधकार दूर होते हैं। सुबह उगते सूर्य को जल अर्पित करना सिर्फ धार्मिक कर्म नहीं, बल्कि एक आत्मिक अनुशासन भी है। सूर्य की किरणें शरीर को ऊर्जा देती हैं और मन को स्थिर करती हैं। गुरुवार को सूर्य पूजा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, निर्णय लेने की शक्ति मजबूत होती है और जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग साफ दिखाई देने लगता है।
सूर्य भगवान की पूजा में क्या गलती ना करें
सूर्य भगवान की पूजा करते समय कुछ छोटी-सी लगने वाली गलतियों से बचना जरूरी माना जाता है। जैसे बिना स्नान किए या जल्दबाजी में पूजा करना, मन को भटका हुआ रखना या सूर्य को पीठ दिखाकर जल चढ़ाना। पूजा के समय क्रोध, नकारात्मक विचार और दिखावे की भावना भी अशुभ मानी जाती है। तांबे के पात्र की जगह टूटे या गंदे बर्तन का प्रयोग नहीं करना चाहिए। साथ ही सूर्य को अर्घ्य देते समय मोबाइल या बातचीत में उलझे रहना श्रद्धा को कमजोर करता है। सच्ची भावना और शुद्ध मन ही सूर्य पूजा का असली आधार है।
