Sixth Sense: आप भी जाग्रत कर सकते हैं अपना तीसरा नेत्र, इस छठी इंद्री का रहस्य है अद्भुत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 13, 2023, 10:56 PM IST

Sixth Sense: लगातार ध्यान लगाने से जाग्रत हो सकती है छठी इंद्री। कुंडलिनी जागरण होने पर आज्ञा चक्र के खुलने को ही माना जाता है तीसरे नेत्र का खुलना। ध्यान, धारण, समाधि से इस तरह से जाग्रत कर सकते हैं तीसरा नेत्र। यहां समझें छठी इंद्री से जुड़ी सभी जरूरी बातें।

KEY HIGHLIGHTS
  • कुंडलिनी जागरण से जाग्रत कर सकते हैं तीसरा नेत्र
  • छठी इंद्रिय शक्ति आज्ञा चक्र खुलने पर होती है प्राप्त
  • रहस्यों को जानने की शक्ति मिलती है तीसरे नेत्र से


Sixth Sense: त्रिनेत्र का विवरण शास्त्रों में बखूबी दिया गया है। भगवान शिव को त्रिनेत्र कहा गया है। यह तीसरा नेत्र आंतरिक नेत्र या ज्ञान नेत्र कहा जाता है, जिससे बाहर की सारी वस्तुएं, भाैतिक पदार्थ आदि देख सकते हैं लेकिन इस तीसरे नेत्र के माध्यम से उन गुप्त रहस्यों को भी देख सकते हैं, जिन्हें सामान्य नेत्रों से नहीं देखा जा सकता। इस तीसरे नेत्र को ही आत्म चक्षु या छठी इंद्री कहा जाता है।

आज्ञा चक्र जाग्रत होते ही एक्टिव होती है छठी इंद्री

शरीर में स्थित आज्ञा चक्र के जाग्रत होते ही साधक को किसी भी मनुष्य के जीवन के बारे में पूरा−पूरा ज्ञान हो जाता है। वह क्षण मात्र में ही भूत” भविष्यकाल को जान लेता है। इस तरह से जाग्रत योगी एक स्थान पर बैठा−बैठा पूरे विश्व की हलचल को अनुभव कर लेता है और आज्ञा चक्र के माध्यम से ही यह भी जान लेता है कि आने वाले समय में विश्व में कहां पर क्या घटनाएं हो सकती हैं। आज्ञा चक्र को ही तीसरा नेत्र कहा गया है। जो शक्ति तीसरा नेत्र या आज्ञा चक्र के खुलने पर प्राप्त होती है उसी को छठी इंद्रीय या सिक्स्थ सेंस कहते हैं। छठी इंद्रिय के मध्यम से व्यक्ति उन रहस्यों को जान सकता है जो सर्वथा गोपनीय और महत्वपूर्ण होते हैं।

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