Ram Ji Ki Puja Vidhi, Pran Pratishtha Anniversary 2025: 11 जनवरी 2025 को राम मंदिर की पहली वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस मौके पर जो भक्त राम मंदिर नहीं जा पाए हैं वो घर पर रामलला की अराधना कर सकते हैं। इससे आपको भगवान राम की असीम कृपा प्राप्त होगी क्योंकि आज की तिथि बेहद शुभ है। पिछले साल इसी तिथि पर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। आइए ऐसे पुनीत अवसर पर घर पर ही भगवान राम की पूजा कर इस महान उत्सव का लाभ उठाएं।
Shree Ram Puja Vidhi In Hindi
श्री राम पूजा विधि (Ram Ji Ki Puja Vidhi In Hindi)
1-प्रातःकाल उठकर ब्रम्हमुहूर्त में श्री रामरक्षास्तोत्र का पाठ करें। अपने मंदिर में घी के दीपक जलाएं। भगवान को गंगाजल से स्नान कराकर नए वस्त्र व आभूषण पहनाएं। सुगन्धित धूप जलाएं। भगवान को भोग लगाएं।
2-इस दिन घर पर अखंड श्री रामचरितमानस का पाठ करें। परिवार के सदस्य क्रमशः मानस पाठ करते रहें।
3-हनुमान जी की उपासना का विशेष महत्व है। यदि पूरा श्री रामचरितमानस पढ़ना सम्भव न हो तो सुन्दरकाण्ड का पाठ अवश्य करें। हनुमानचालीसा का 100 पाठ बहुत ही पुण्यदायी है। बजरंगबाण व हनुमानबाहुक का पाठ भी कर सकते हैं।
4-घर पर ही श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय महामन्त्र का निरन्तर जप करें।
5--घर के सभी सदस्य मिलकर भगवान के नाम का संकीर्तन करें। भजन करें। भगवान राम के नाम का जप बहुत ही पुण्यदायी व कई जन्मों के पापों को दूर करता है। घर पर ही अवध जैसा माहौल बनाएं। सब प्रेम से रहें।सभी सदस्य मिलकर राम कथा सुनें। भगवान के कथा के विभिन्न प्रसंगों का आनंद लें। पूरे घर को फूल मालाओं से सुसज्जित करें। घर घर का वातावरण भक्तिमय हो।
6-घर पर ही राम जी की पूजा के साथ साथ शिव पूजा भी करें। भगवान राम शिव की व शिव जी राम जी की पूजा करते हैं। घर पर ही शंकर जी के सामने बैठकर राम नाम संकीर्तन करें।
इस प्रकार हम सब अपने घरों में शाम को दीपावली की तरह दीपकों से घर को सजाएं। अच्छे पकवान बनाएं। पूरे रात दीपक की लौ जलती रहे। अब तम मिटेगा क्योंकि भगवान राम का आशीर्वाद हम सबको प्राप्त होगा। राम ब्रम्हांडनायक हैं। राम भगवान विष्णु के अवतार हैं। घर पर रहते हुए हम मन से अयोध्या में रहें। मानसिक पूजा का बहुत महत्व है। मन ही मन अवध धाम हो लें। सरजू जैसी पावन तथा समस्त पापों को समाप्त करने वाली नदी के जल से स्नान करना व उसके जल से पूरे घर को सिंचित करें। मन से अवध के रहें। भगवान राम का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
