Sawan Somvar Vrat 2023 (सावन सोमवार व्रत): सावन सोमवार व्रत की काफी महिमा बताई जाती है। कहते हैं जो व्यक्ति श्रावण सोमवार (Shravan Somvar) के व्रत रखता है उसे 16 सोमवार व्रत का पुण्यफल एक साथ प्राप्त हो जाता है। इस साल सावन सोमवार व्रत को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है। कहीं सावन सोमवार व्रतों की संख्या 4 दिखा रहे हैं तो कहीं आठ। बता दें ऐसी दुविधा की स्थिति मलमास (Malmas 2023) के कारण बनी है। दरअसल हर तीन साल में पड़ने वाला पुरुषोत्तम या अधिक मास (Adhik Maas 2023) सावन के बीच में ही लगने जा रहा है। जिस वजह से श्रावण मास (Shravan Month 2023) 2 महीने का हो गया है। जानिए इस सावन कितने सोमवार व्रत पड़ेंगे और क्या मलमास में पड़ने वाले सोमवार व्रत मान्य होंगे।
Shravan Somvar 2023: जानिए सावन का पहला सोमवार कब है
क्या मलमास के सावन सोमवार व्रत मान्य होंगे
पंडित सुजीत जी महाराज के अनुसार मलमास में शिव की भक्ति करना बेहद फलदायी माना जाता है। भले ही इस महीने शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है लेकिन ये माह पूजा-पाठ के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण होता है। इस महीने में किए गए जप तप का कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। ऐसे में इस महीने पड़ने वाले श्रावण सोमवार व्रत पूरे तरीके से मान्य होंगे। जिस वजह से आप इस सावन 4 नहीं बल्कि 8 सोमवार व्रत रख सकेंगे।
सावन सोमवार व्रत 2023 डेट
| तारीख | सावन सोमवार व्रत |
| 10 जुलाई 2023 | सावन का पहला सोमवार |
| 17 जुलाई 2023 | सावन का दूसरा सोमवार |
| 24 जुलाई 2023 | सावन का तीसरा सोमवार |
| 31 जुलाई 2023 | सावन का चौथा सोमवार |
| 07 अगस्त 2023 | सावन का पांचवा सोमवार |
| 14 अगस्त 2023 | सावन का छठवां सोमवार |
| 21 अगस्त 2023 | सावन का सातवां सोमवार |
| 28 अगस्त 2023 | सावन का आठवां सोमवार |
सावन सोमवार व्रत का महत्व
मान्यता है जो व्यक्ति सच्चे मन से सावन सोमवार के व्रत रखता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। इस व्रत को करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। ये व्रत विशेषतौर पर उन लोगों के लिए लाभकारी होता है जिनके वैवाहिक जीवन में परेशानी चल रही हैं और जीवन में सुख समृद्धि की कमी है। इसके अलावा अविवाहित युवतियां अगर इस व्रत को करती हैं तो उन्हें मनोवांछित वर की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रावण के सोमवार का व्रत रख शिव जी की विधि विधान पूजा करता है उसे 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है।
