Shoe Rack Vastu Tips: घर बनाते समय लोग वास्तु के कई नियमों जैसे पूजा घर की दिशा, किचन की दिशा या बेडरूम की स्थिति आदि का ध्यान रखते हैं, लेकिन वहीं, कई बार छोटी चीजों की अनदेखी हो जाती है। इनमें से ही एक शू रैक या जूते-चप्पल रखने की जगह भी है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में जूते-चप्पल रखने की सही दिशा भी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। गलत दिशा में शू रैक रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है, जबकि सही दिशा में रखने से घर का माहौल संतुलित बना रहता है।
घर में शू रैक कहां रखें?
क्या है शू रैक रखने की सही दिशा?
वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा शू रैक रखने के लिए सबसे बेहतर मानी जाती है। इन दिशाओं में जूते-चप्पल रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का असर कम होता है। अगर घर में जगह कम हो तो दक्षिण दिशा में भी शू रैक रखा जा सकता है। इन दिशाओं को जूते-चप्पल रखने के लिए उपयुक्त माना गया है।
मुख्य दरवाजे के सामने न रखें शू रैक
अधिकतर लोग मुख्य दरवाजे के सामने शू रैक रख देते हैं। वास्तु के अनुसार घर के मुख्य दरवाजे के बिल्कुल सामने शू रैक नहीं रखना चाहिए। माना जाता है कि इससे घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है। अगर शू रैक मुख्य दरवाजे के पास रखना जरूरी हो, तो उसे थोड़ा साइड में रखना बेहतर माना जाता है।
उत्तर और पूर्व दिशा में न रखें जूते
वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर और पूर्व दिशा को बहुत पवित्र माना जाता है। इन दिशाओं में जूते-चप्पल रखने से बचना चाहिए। कहा जाता है कि इन दिशाओं में शू रैक रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह कम हो सकता है और आर्थिक मामलों पर भी असर पड़ सकता है।
बंद अलमारी में जूते-चप्पल रखना है बेहतर
वास्तु के अनुसार जूते-चप्पल को खुले में रखने की बजाय बंद शू रैक या अलमारी में रखना बेहतर माना जाता है। इससे घर साफ-सुथरा दिखता है और नकारात्मकता भी कम होती है।इसके अलावा टूटे या बहुत पुराने जूते-चप्पल घर में ज्यादा समय तक नहीं रखने चाहिए।
साफ-सफाई का रखें ध्यान
वास्तु शास्त्र में साफ-सफाई को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इसलिए शू रैक के आसपास हमेशा सफाई बनाए रखना जरूरी होता है। अगर जूते-चप्पल इधर-उधर बिखरे रहते हैं, तो इससे घर का वातावरण अव्यवस्थित हो सकता है। इसलिए उन्हें हमेशा एक तय जगह पर ही रखना चाहिए। वास्तु के इन छोटे-छोटे नियमों का ध्यान रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और घर का वातावरण भी संतुलित और सुखद माना जाता है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी वास्तु शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
