Shiv Parvati Murti For Hartalika Teej Puja 2024 (तीज पर शिव-पार्वती की मूर्ति कैसे बनाएं): हरतालिका तीज व्रत की पूजा बड़े ही अलग तरीके से की जाती है। इस दिन महिलाएं सबसे पहले शिव-पार्वती की मिट्टी से मूर्तियां बनाती हैं। फिर शुभ मुहूर्त में इन प्रतिमाओं की पूजा करती हैं और तीज व्रत खोलने के बाद मूर्तियों को जल में प्रवाहित कर दिया जाता है। जो महिलाएं घर पर ये मूर्तियां नहीं बना पाती हैं वे बाजार से बनी बनाई मूर्तियां घर लाकर उनकी पूजा करती हैं। अगर आप हरतालिका तीज व्रत (Hartalika Teej Vrat) रख रही हैं तो जान लें शिव-पार्वती की मूर्तियां बनाने का तरीका (Shiv Parvati Ki Murti Bnane Ka Tarika In Hindi)।
Shiv Parvati Murti For Hartalika Teej Puja 2024
हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती की मूर्ति बनाने की सामग्री (Teej Par Shiv-Parvati Ki Murti Bnane Ki Samagri)
इस साल हरतालिका तीज 6 सितंबर को मनाई जाएगी। ऐसे में आप पूजा के लिए मूर्तियां एक दिन पहले या फिर तीज वाले दिन सुबह के समय भी बना सकती हैं। शिव-पार्वती की मूर्तियां बनाने के लिए आपको मिट्टी, पानी, चौकी, गंगाजल, आकार देने के लिए नुकीली चीज की जरूरत पड़ेगी। मूर्ति बनाने के लिए मिट्टी घर के पास किसी साफ जमीन से ले आएं या फिर बाजार से इसे खरीद भी सकते हैं। इसके अलावा मूर्ति की सजावट करने के लिए कुछ फूल और पत्ते भी ले लें।
हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती की मूर्ति कैसे बनाएं (Hartalika Teej Par Shiv Parvati Ki Murti Kaise Banae)
मूर्ति बनाने के लिए जिस मिट्टी का प्रयोग कर रहे हैं उसे गंगाजल से शुद्ध जरूर कर लें। इसके बाद मिट्टी को साफ पानी से गूंथ लें। ध्यान रहे कि मिट्टी नरम होनी चाहिए जिससे मूर्ति बनाने में दिक्कत न हो। अब मिट्टी का एक बड़ा गोला बनाएं। जिसे दो हिस्सों में बांट लें और इससे शिव-पार्वती का धड़ बनाएं। फिर मिट्टी के छोटे गोले बनाकर सिर, हाथ और पैर बनाएं। अब चेहरे पर आंख, नाक और होंठ का आकार बनाएं। फिर शिव जी के लिए मिट्टी से त्रिशूल, अर्धचंद्र, सांप और डमरू बनाएं। वहीं माता पार्वती की प्रतिमा को फूलों और गहनों से सजाएं। बनाई गई प्रतिमा को ऐसे स्थान पर रखें जहां वो आसानी से सूख जाए। जब मूर्तियां सूख जाएं तो आप उन्हें रंग भी सकते हैं या फिर उन्हें वस्त्र पहनाकर उनका श्रृंगार भी कर सकते हैं।
हरतालिका तीज शिव-पार्वती मूर्ति फोटो (Teej Shiv Parvati Murti Photo)
हरतालिका तीज के दिन शुभ मुहूर्त में बनाई गई इन मूर्तियों की विधि विधान पूजा करें। फिर अगले दिन इन मूर्तियों को जल में प्रवाहित कर दें।
