Sheetala Ashtami Puja Muhurat 2026, Sheetala Ashtami Puja Mantra, Samagri, Puja Vidhi: पंचांग के अनुसार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 11 मार्च 2026 को दोपहर 01:54 बजे से शुरू होकर 12 मार्च 2026 को सुबह 04:19 बजे तक रहेगी। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, आज यानी 11 मार्च को शीतला अष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां शीतला की पूजा करने से रोगों से रक्षा होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। यहां से आप जान सकते हैं कि आज शीतला अष्टमी के दिन पूजा कितने बजे होगी। यहां शीतला अष्टमी के पूजा मुहूर्त के बारे में बताया गया है। साथ ही पूजा मंत्र, पूजा सामग्री और पूजा विधि की भी चर्चा है।
Sheetala Ashtami Puja Muhurat (शीतला अष्टमी 2026 का शुभ मुहूर्त)-
पूजा मुहूर्त- सुबह 06:36 बजे से शाम 06:27 बजे
- अभिजित मुहूर्त- कोई नहीं
- गोधूलि मुहूर्त- 18:25 PM से 18:49 PM
- ब्रह्म मुहूर्त- मार्च 10 को 04:58 AM से 5:47 AM
- विजय मुहूर्त- 14:30 PM से 15:17 PM
- सायाह्न सन्ध्या- 18:27 PM से 19:40 PM
- अमृत काल - 12:08 AM से 13:55 PM
- प्रातः सन्ध्या- मार्च 10 को 05:23 AM बजे से 06:36 AM
- निशिता मुहूर्त- 00:06 AM से 00:55 AM
Sheetala Saptami Puja Samagri (शीतला सप्तमी पूजा सामग्री)-
- रोली
- मौली
- आम के पत्ते
- जल का कलश
- चावल
- हल्दी
- फूल
- वस्त्र
- दीपक
- होली वाली बड़कुले की माला
- सिक्के
- नीम
- भोग, प्रसाद
Sheetala Ashtami Puja Mantra (शीतला अष्टमी पूजा मंत्र)-
- मूल मंत्र- ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः॥
- स्तुति मंत्र- वन्देऽहं शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम्। मार्जनीकलशोपेतां शूर्पालंकृतमस्तकाम्॥
- प्रार्थना मंत्र- शीतले त्वं जगन्माता शीतले त्वं जगत्पिता। शीतले त्वं जगद्धात्री शीतलायै नमो नमः॥
Sheetala Ashtami Puja Vidhi (शीतला अष्टमी की पूजा विधि)-
शीतला अष्टमी के दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और व्रत का संकल्प लेते हैं। इस व्रत में भोग की सामग्री एक दिन पहले ही तैयार कर ली जाती है, क्योंकि पूजा के दिन ताजा भोजन नहीं बनाया जाता है। पूजा के समय मां शीतला की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाकर उन्हें बासी भोजन का भोग लगाया जाता है। आमतौर पर दाल-भात, मालपुआ, पूरी, मिठाई और फल चढ़ाए जाते हैं। इसके बाद शीतला माता की कथा सुनना या पढ़ना और शीतला स्तोत्र का पाठ करना शुभ माना जाता है। अंत में आरती कर माता से परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती है।
Sheetala Ashtami Ka Bhog (शीतला अष्टमी का भोग)-
शीतला अष्टमी के भोग में दही, पुए और मीठे चावल जरूर होने चाहिए। इसके अलावा आप अपनी श्रद्धानुसार नमक पारे, रोटी, शक्कर की रोटी, बाजरा, फीकी पूड़ी और पकौड़ियां भी भोग स्वरूप रख सकते हैं।
