Maa Skandamata Vrat Katha: नवरात्रि के पांचवें दिन की व्रत कथा क्या है, जानें मां स्कंदमाता की व्रत कथा

Navratri Ke 5 Din Ki Katha: ​शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन माता दुर्गा के पांचवें स्वरूप देवी स्कंदमाता की पूजा की जाती है। चलिए जानें मां स्कंदमाता के व्रत की कथा क्या है।

Shardiya Navratri 2026 Day 5 Today (maa skandmata ki katha hindi mai): 11 अक्टूबर 2026 से शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है। आज 15 अक्टूबर, गुरुवार को शारदीय नवरात्रि का पांचवां दिन है, जो कि माता दुर्गा के पांचवें स्वरूप देवी स्कंदमाता को समर्पित है। देवी स्कंदमाता को भगवान कार्तिकेय की माता के रूप में भी पूजा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी स्कंदमाता की पूजा करने से संतान सुख, बच्चों की अच्छी सेहत, लंबी उम्र और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद मिलता है। हालांकि, नवरात्रि के पांचवें दिन की पूजा देवी स्कंदमाता से जुड़ी कथा पढ़े बिना अधूरी है। यदि आप भी आज देवी स्कंदमाता की पूजा करने वाले हैं तो यहां से नवरात्रि के पांचवें दिन की व्रत कथा हिंदी में पढ़ सकते हैं।

नवरात्रि के पांचवें दिन की व्रत कथा

नवरात्रि के पांचवें दिन की व्रत कथा (Photo- AI Gemini)

पांचवें नवरात्रि के व्रत की कथा क्या है? (navratri ke 5 din ki katha)

तारकासुर ने की कठोर तपस्या

पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में तारकासुर नामक एक घमंडी राक्षस था। तारकासुर चाहता था कि वो सदा के लिए अमर और अजेय हो जाए। इस वरदान को प्राप्त करने के लिए उसने ब्रह्माजी की कठोर तपस्या करने का निश्चय किया। तारकासुर ने कई वर्षों तक उपवास करते हुए ब्रह्माजी की पूजा की।

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