Sharad Purnima Vrat Katha 2025: शरद पूर्णिमा की कथा, यहां देखें शरद पूर्णिमा की पौराणिक कहानी लिखित में

Sharad Purnima Vrat Katha 2025 (शरद पूर्णिमा व्रत कथा इन हिंदी): आज शरद पूर्णिमा है और आज के दिन लक्ष्मी जी की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। अगर आप भी शरद पूर्णिमा की पूजा कर रहे हैं तो आपको यहां से इसकी व्रत कथा जरूर पढ़नी चाहिए। इस कथा के बिना शरद पूर्णिमा का व्रत अधूरा माना जाता है।

Sharad Purnima Vrat Katha 2025 (शरद पूर्णिमा की व्रत कथा): भीष्मजी ने कहा- मुने, मैंने तो ऐसा सुना था की देवी लक्ष्मी क्षीर-समुद्र प्रकट हुई हैं, लेकिन आप ऐसा कैसे कह रहे हैं कि वो भृगु की पत्नी के गर्भ से उत्पन्न हुई हैं?

पुलस्त्यजी ने जवाब दिया- राजन, तुम अपने प्रश्न का उत्तर मुझसे सुनो। देवी लक्ष्मी के जन्म का संबंध समुद्र से है, यह बात मैंने खुद भी ब्रह्माजी के द्वारा सुनी हुई है। एक समय की बात है जब दैत्यों और दानवों ने बड़ी मात्रा में सेना लेकर देवताओं पर चढ़ाई की थी। उस समय युद्ध के दौरान देवता दैत्यों के सामने परास्त हो गए। तब इंद्र आदि सम्पूर्ण देवता अग्नि को आगे करके ब्रह्माजी की शरण में पहुंच गए। वहां जाकर उन्होंने अपना सारा हाल अच्छी तरह बताया।

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