Sharad Purnima Upay 2024: चंद्रमा लग्न, पंचम और नवम भाव में बहुत अच्छा परिणाम देता है। यदि यह केंद्र में गुरु के साथ है तो गजकेसरी योग बनाता है। नवम भाव का चंद्रमा धर्म और ज्ञान के लिए बहुत बड़ी भूमिका अदा करता है। यदि यही चंद्रमा 6, 8 या बारहवें भाव में है तो नकारात्मक प्रभाव देता है। 6 ठें भाव का चंद्रमा रोग देता है। अष्टम भाव में उम्र को प्रभावित करेगा और बारहवें व्यय भाव में जातक को बहुत इमोशनल बनाता है। इसलिए ऐसे जातकों को शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा के बीज मंत्र ॐ सों सोमाय नमः का जप करना चाहिए और दुग्ध से भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिए।
Sharad Purnima Ke Upay In Hindi
यदि चंद्रमा कुंडली में कहीं से भी राहु या केतु के साथ स्थित है तो दोषपूर्ण माना जायेगा। ऐसी स्थिति में शिव पूजा अत्यंत आवश्यक है। इस परिस्थिती में राहु और केतु के द्रव्यों उड़द, तिल, काला कम्बल इत्यादि का दान करना चाहिए और चंद्रमा के बीज मंत्र का जप करवाना चाहिए। चंद्रमा को ठीक करने का सबसे सहज और सरल उपाय है भगवान शिव की पूजा करें। ये सारे उपाय शरद पूर्णिमा को करने से लाभ की प्रायिकता बढ़ जाती है।
राशि अनुसार शरद पूर्णिमा के उपाय (Sharad Purnima Ke Upay)
मेष-शहद से भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराएं।
वृष-भगवान शिव को इत्र और गंगाजल से जलाभिषेक करें।
मिथुन- श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें। कुशोदक से भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें।
कर्क- इस राशि का स्वामी ही चंद्रमा है।चंद्रमा के बीज मंत्र का जप करें।
सिंह- श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का पाठ करें।शहद और गंगा जल शिवलिंग पर चढ़ाएं।
कन्या- श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें। दही और गंगा जल भगवान शिव को अर्पित करें।
तुला- ठाकुर श्री विष्णु जी को तुलसी का पत्ता अर्पित करें।श्री सूक्त का पाठ करें।
वृश्चिक- मोती की माला धारण करें।भगवान शिव का गन्ने के रस से अभिषेक कराएं।
धनु- श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
मकर- चांदी का चंद्रमा शिवलिंग पर अर्पित करें। सुन्दरकाण्ड का पाठ करें।
कुंभ- चंद्रमा के बीज मंत्र के साथ साथ शनि के मंत्र का भी जप करें।
मीन- फलों के रस से भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराएं।भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें।
इस प्रकार शरद पूर्णिमा पुण्य प्राप्ति का महान अवसर प्रदत्त करती है। अपने भक्ति भाव को श्री हरि चरणों में समर्पण का यह एक सुन्दर अवसर है।
