Shani Vakri 2026: शनि केवल एक देवता ही नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली ग्रह भी हैं। समय-समय पर शनि ग्रह अपनी स्थिति बदलते हैं, यानी वो राशि और नक्षत्र गोचर करते हैं। अस्त और उदय अवस्था में जाते हैं तथा वक्री और मार्गी होते हैं। द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, आज 27 जुलाई 2026 को जया पार्वती व्रत के पावन अवसर पर शनि वक्री हुए हैं यानी उन्होंने अपनी उल्टी चाल शुरू कर दी है। अब वो अगले 138 दिनों यानी 11 दिसंबर 2026 तक इसी अवस्था में रहेंगे। शनि की वक्री चाल का सीधा प्रभाव सभी राशियों के जीवन और भाग्य पर पड़ेगा।
इन 4 राशियों के लिए शुभ रहेंगे शनि वक्री के 138 दिन
आज पंडित एवं ज्योतिष विशेषज्ञ मयंक शर्मा आपको बताने जा रहे हैं कि इस वक्री चाल से किन 4 राशियों को लाभ मिलने के प्रबल संकेत हैं। साथ ही 4 राशियों के जातकों द्वारा इन 138 दिनों में अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में आप यहां पर जानेंगे।
इन 4 राशियों के लिए शुभ है शनि की वक्री चाल
- वृषभ राशि
सावधानियां- वाणी पर संयम रखें और वाद-विवाद में फंसने से बचें।
- कर्क राशि
सावधानियां- किसी की बातों में न आएं और अपने काम पर ध्यान दें।
- तुला राशि
सावधानियां- किसी भी काम में देरी न करें और सेहत पर विशेष ध्यान दें।
- वृश्चिक राशि
सावधानियां- किसी भी तरह के मनमुटाव से बचें और वाणी पर संयम रखें। संतान की सेहत का ध्यान रखें।
शनि वक्री के प्रभाव से बचने के उपाय
यदि आप शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो जब तक वो वक्री अवस्था में रहेंगे, तब तक नियमित रूप से उनके नाम या मंत्र 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का जाप करें। साथ ही शनि से संबंधित चीजों जैसे कि काले तिल, लोहे की वस्तुएं, काली उड़द की दाल और सरसों के तेल का दान करें। इसके अलावा काले कुत्ते, गाय या कौवे को रोटी खिलाएं।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और ज्योतिष विद्या के अच्छे जानकार लेखक द्वारा विश्लेषण करके दी गई है। यह केवल सूचना के लिए दी जा रही है। आपके ऊपर इसका प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
