Shani (Shanichari) Amavasya 2023: शनिचरी अमावस्या को शनि देव के दिन के रूप में मनाया जाता है। ये अमावस्या इस बार 21 जनवरी को पड़ रही है। इस दिन मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) यानी माघ अमावस्या (Magh Amavasya) भी है। जिस कारण इस अमावस्या का महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं अनुसार शनि अमावस्या के दिन शनि देव की पूजा करने से मन को पूर्ण शांति और अच्छी किस्मत प्राप्त होती है। ये अमावस्या कर्क, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन वालों के लिए खास रहेगी। क्योंकि इन राशियों पर शनि की दशा चल रही है। जानिए इन राशि वाले इस दिन क्या करें उपाय।
शनि अमावस्या पर करें ये उपाय चमक उठेगी किस्मत और शनि दोष से मिलेगी राहत
इन 5 राशियों पर है शनि साढ़े साती और ढैय्या (Shani Sade Sati And Shani Dhaiya)
फिलहाल कर्क और वृश्चिक वालों पर शनि ढैय्या चल रही है तो वहीं मकर, कुंभ और मीन वालों पर साढ़ेसाती है। जिनमें मकर वालों पर साढ़ेसाती का आखिरी चरण, कुंभ वालों पर दूसरा तो मीन वालों पर पहला चरण चल रहा है।
शनिचरी अमावस्या पर शनि से बचने के कुछ महत्वपूर्ण उपाय (Shanichari Amavasya Upay For Shani Dosh)
पहला उपाय- शनिदेव को खुश करने के लिए इस दिन तिल, जौ और तेल का दान जरूर करें। ऐसा करने से शनि पीड़ा से मुक्ति मिलेगी।
दूसरा उपाय- जिन राशियों पर शनि दशा चल रही है वो इस दिन शनिदेव की पूजा जरूर करें। साथ ही शनि चालीसा का पाठ भी करें। इससे राहत मिलेगी।
तीसरा उपाय- शनिदेव को तेल चढ़ाते समय शनि के बीज मंत्रों का जाप अवश्य करें। शनि बीज मंत्र- ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।
चौथा उपाय- इस दिन शनि मंदिर में तिल, उड़द, लोहा, गुड़, फूल जरूर अर्पित करें। इससे शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
पांचवां उपाय- इस दिन कुत्ते को तेल से चुपड़ी रोटी जरूर खिलाएं। क्योंकि कुत्ता शनिदेव का वाहन माना जाता है। इस दिन कुत्ते को रोटी खिलाने से शनि देव प्रसन्न होते हैं।
छठा उपाय- शनिचरी अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ में जल अर्पित करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इस बेहद ही छोटे उपाय को करने से आपको शनिदेव के प्रकोप से मुक्ति मिल जाएगी।
